मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को मेरठ में पूरे तेवर में नजर आए। पिछली बार जिस तरह योगी कुछ असहज नजर आ रहे थे, इस बार वह उससे उलट अपने चिरपरिचित अंदाज में नजर आए। धार्मिक, सामाजिक, कानून व्यवस्था, किसान, भ्रष्टाचार और विकास सभी मुद्दों का समावेश करते हुए उन्होंने संबोधन में अपने आगामी एजेंडे की तरफ भी इशारा कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही योगी आदित्यनाथ भी उत्तर प्रदेश के युवाओं में अलग पहचान बना चुके हैं। उन्हें सुनने और देखने के लिए जमा भीड़ और जोश को देख योगी ने भी उन्हें निराश नहीं किया। योगी ने अपना संबोधन ही मेरठ की 1857 की क्रांति से शुरू किया। इसके बाद उन्होंने बसपा और सपा पर जहां जमकर निशाना साधा तो भीड़ के मिजाज को भांपते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अहम स्थान रखने वाली कांवड़ यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा शिव यात्रा है कोई शव यात्रा नहीं जो उसमें डीजे नहीं बजेगा। उन्होंने बसपा पर थानों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगाने का आरोप लगाया तो सपा पर भी निशाना साधा कि यदुवंशियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
कानून व्यवस्था को लेकर योगी ने जहां सख्त रुख अपनाने की बात कही तो कैराना का जिक्र भी कर दिया कि अब व्यापारी नहीं अपराधी पलायन करेगा। साथ ही उन्होंने आने वाले समय में विकास के प्लान को भी साझा करते हुए हवाई उड़ान, एक्सप्रेस-वे और रैपिड व मेट्रो जैसे प्रोजेक्ट लाने की बात कही। यही नहीं, आजम खां का नाम लिए बगैर नगर निकायों की स्थिति पर कहा कि जब नगर निगम के सफाई का ठेका लखनऊ से छोड़ा जाएगा तो काम नहीं होगा। योगी ने अप्रत्यक्ष रुप से कह दिया कि नगर निकाय यूपी में स्वतंत्र रूप से काम करेंगी।
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इशारों में नजर आया हिंदुत्व का एजेंडा
मंच पर सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
योगी आदित्यनाथ ने बूचड़ खानों के साथ ही कांवड़ यात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर चर्चा की तो नगर निकायों में केंद्र सरकार द्वारा लगवायी जा रही एलईडी को उन्होंने दिवाली पर अपने अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम से जोड़ते हुए कहा कि इसी तरह अब सभी निकायों में रोजाना दिवाली मनेगी। योगी ने स्पष्ट कर दिया कि अब कांवड़ यात्रा सहित अन्य धार्मिक यात्राओं को लेकर कोई विरोध या रोक नहीं होगी।
गन्ना किसान से पकड़ी पश्चिम के किसान की नब्ज
योगी ने पश्चिमी क्षेत्र की गन्ना बेल्ट से जुड़े किसानों की नब्ज भी पकड़ी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 75 गन्ना मिलें संचालित हैं। अब तक 6 सौ करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, जबकि पिछले साल के 25 हजार करोड़ का भुगतान भी भाजपा सरकार बनने के साथ कराया गया। उन्होंने साफ कहा कि वह किसानों के चेहरे पर खुशहाली देखना चाहते हैं।
मेरठ को बताया पश्चिमी क्षेत्र का केंद्र
योगी ने मेरठ को अपने लिए अहम बताया। कहा कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का केंद्र है। ऐसे में मेरठ की अहमियत उनके लिए सबसे ज्यादा है और यहां के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
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