अखिल भारतीय राष्ट्रीय संत समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम को मेला गुघाल के कार्यक्रमों की श्रृंखला में होने वाले ऑल इंडिया मुशायरे में पहले मुख्य अतिथि बनाकर बुला लिया गया और फिर मुशायरे में जाने से रोक दिया गया। जनपद की सीमा में आने पर उन्हें सुरक्षा भी नहीं दी गई। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि योगी सरकार एक संत से घबरा गई। उन्हें आशंका है कि सहारनपुर में उनकी हत्या की साजिश रची गई है।
चंद्रनगर स्थित कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मुकेश चौधरी के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि ऑल इंडिया मुशायरे के संयोजक मंसूर बदर ने उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया था। वह कई दिन से उनके साथ फोन पर वार्ता कर रहे थे। दो दिन पूर्व सहारनपुर आने का कार्यक्रम गृह मंत्रालय ने स्थानीय प्रशासन को भेज दिया था, लेकिन जब वह बृहस्पतिवार की शाम के समय गागलहेड़ी पहुंचे तो मंसूर बदर ने फोन कर उन्हें बताया कि महापौर और सहारनपुर के बीजेपी नेताओं ने उनके कार्यक्रम में आने पर रोक लगा दी है। उनसे कहा गया कि आचार्य प्रमोद कृष्णम भाजपा के खिलाफ बोलते हैं। इसलिए उन्हें मुशायरे में नहीं आने दिया जाएगा।
आचार्य ने कहा कि वह हमेशा हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करते हैं। इसके लिए पूरे देश में उनके कार्यक्रम आयोजित होते हैं। योगी सरकार एक संत से घबरा गई है। वह पूछना चाहते हैं कि क्या सहारनपुर देश और उत्तर प्रदेश का हिस्सा नहीं है। स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी उन्हें संदिग्ध लग रही है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने उन्हें सहारनपुर की सीमा तक सुरक्षा दी, लेकिन सहारनपुर पुलिस ने उन्हें सुरक्षा प्रदान नहीं की। उन्हें आशंका है कि सहारनपुर में उनकी हत्या की साजिश रची गई है। इसलिए उनका यहां रुकना ठीक नहीं है। इसकी शिकायत वह गृहमंत्री और मुख्यमंत्री से करेंगे। बीजेपी को हिंदुओं के खिलाफ बोलने वाले नेता पसंद या फिर जो नेता मुस्लिमों के खिलाफ बोलते हैं भाजपा उन्हें पसंद करती है, लेकिन मुहब्बत की बात करने वालों को पसंद नहीं किया जाता है। यह घटनाक्रम बेहद अफसोसजनक है।