मेरठ। मुख्यमंत्री के दौरे को सफल बनाने की तैयारियों में चार दिनों से जुटे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने शनिवार दोपहर राहत की लंबी सांस ली। मुख्यमंत्री का दौरा भले ही रद्द हो गया हो। लेकिन जहां-जहां मुख्यमंत्री के आने की संभावना थीं, उन सभी जगहों को चमका दिया गया।
मुख्यमंत्री के मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने और समीक्षा बैठक की संभावनाओं को देखते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा था। सर्किट हाउस के सामने सड़क और दीवारों को पेंट से चमका दिया गया था। वहीं, एमडीए के बाहर लगी रेलिंग को भी हरे पेंट से रंग दिया गया। इसके अलावा आंबेडकर चौराहे से सर्किट हाउस तक सड़क को बना दिया गया। जेल चुंगी चौराहे से सीसीएसयू मार्ग की एक साइड की लेयर को चमका दिया गया। बनी रह गई योजनाओं की पीपीटी
जिले में चल रही योजनाओं की 30 जून तक की समीक्षा बुकलेट को सीडीओ कार्यालय में तैयार किया गया था। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से कुछ प्रमुख योजनाओं की पीपीटी भी तैयार कराई गई। जिसमें प्रमुख रूप से ऑपरेशन कायाकल्प, पोषण अभियान और हस्तिनापुर में स्थित सोती नदी के जीर्णोद्धार को पीपीटी में शामिल किया गया।
जर्मन हेंगर बनाकर किया लाखो खर्च
कोरोना काल में मुख्यमंत्री की जनसभा के लिए जिला प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर जर्मन हेंगर की व्यवस्था की गई थी। लेकिन ये सब भी बेकार गया। हालांकि, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और वन/पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान हस्तिनापुर पहुंचकर पौधरोपण कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।