बरसात में जी का जंजाल बनेंगे सीवर लाइन से जुड़े नाले
मेरठ। नगर निगम शहर के नालों की सफाई का तो दावा कर रहा है, लेकिन अभी तक भी सीवर की सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। शहर का पूरा सीवर सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त है। चाहे एमडीए हो या नगर निगम दोनों के संसाधन बद से बदतर हालत में हैं। एसटीपी काम नहीं कर रहे वहीं सीवर पंपिंग स्टेशन भी शोपीस ही बनकर रह गए हैं। वहीं नगर निगम के अफसरों ने शहर के कुछ इलाकों में नालों को ही सीवर लाइन से जोड़ दिया। ऐसे में बरसात में शहर में भारी जलभराव होना तय है।
दरअसल महानगर से निकलने वाले सीवर को शहर से बाहर पहुंचाने के लिए नाले ही नहीं बल्कि सीवर लाइन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शहर से प्रतिदिन 310 एमएलडी सीवेज निकलता है। जो बड़े नालों से होकर व एसटीपी से होते हुए काली नदी तक पहुंचता है। पुराने शहर के सीवर को खींचने के लिए पुराना कमेला छिपी टैंक शास्त्री नगर में पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं। अगर हम पुराना कमेला और छीपी टैंक पर संचालित सीवर पंपिंग स्टेशन की बात करें तो दोनों की हालत ठीक नहीं है। आए दिन पंप खराब होने की शिकायतें रहती हैं।
शहर के आधा दर्जन इलाकों में सीवर लाइन से जुड़े हैं नाले
नगर निगम जलकल विभाग और नगर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए शहर में घंटाघर माधवपुरम बच्चा पार्क सहित शहर के आधा दर्जन इलाकों में सीवर लाइन से नालों को जोड़ दिया है। जिसके कारण नालों की गंदगी सीवर लाइन में पहुंच रही है और आए दिन सीवर लाइन चोक रहती हैं। बरसात के दिनों में नाले व बारिश के पानी के दबाव के चलते सीवर ओपन जाते हैं और शहर में जलभराव हो जाता है। यह स्थिति शहर में हर साल देखने को मिलती है। लेकिन नगर निगम प्रशासन और एमडीए प्रशासन इसको लेकर ने तो गंभीर है और न ही कोई ठोस योजना बनाई गई है।
निचले इलाकों में संपवेल भी आए दिन रहते हैं खराब
नगर निगम ने शहर के निचले इलाकों को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए विकासपुरी, जली कोठी, मोहनपुरी, माधवपुरम, इंदिरा नगर, मलियाना सहित कई स्थानों पर संपवेल लगाए हैं। इनकी स्थिति भी ठीक नहीं है। हालांकि नगर निगम प्रशासन का दावा है कि निचले इलाकों में बरसात के समय जलभराव होने पर अतिरिक्त 15 पंपिंग सेट भी लगाने की व्यवस्था है।
शहर की सीवर लाइन खोलने को 6 सीवर जेटिंग मशीन
पुराने शहर और एमडीए व आवास विकास से हैंडओवर कॉलोनियों की सीवर लाइन को खोलने के लिए नगर निगम जलकल विभाग के पास 6 सीवर जेटिंग मशीन हैं। इस संबंध में जलकल विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि पुरानी सीवर लाइन के रखरखाव और पंपिंग स्टेशनों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। बाकी जोन 5 और जोन सात में जल निगम ने सीवर लाइन डाली है उसके रखरखाव और जागृति विहार में लगे 72 एमएलडी एसटीपी के रखरखाव की जिम्मेदारी शासन स्तर से बी टेक कंपनी को दी गई है। वहीं पांडव नगर, पल्लवपुरम श्रद्धापुरी, रक्षापुरम, वेदव्यास पुरी सहित कई कालोनियों की सीवर लाइन की जिम्मेदारी एमडीए के पास है।