पांच बार से लगातार लोकसभा में सांसद बनकर जीतने वाले हिंदुत्व के प्रचंड नेता योगी आदित्यानाथ सूबे के मुखिया बन गए। योगी आदित्यनाथ के गद्दी संभालने की चर्चा गंगा की परिक्रमा कर चुके संत ने एक साल पहले ही कर दी थी। बात मार्च 2016 में महाशिव रात्रि से पहले की है। नरौरा परमाणु केंद्र से करीब 10 किमी की दूरी पर हजारा नहर से सटे जंगल में गंगा के समीप घड़े वाले बाबा का आश्रम है। घड़े वाले बाबा के नाम से मशहूर संत कृष्णानंद गिरी ने गंगा की दो बार परिक्रमा की थी। वह बताते थे कि उन्होंने पहाड़ों से लेकर देश के कोने-कोने में भ्रमण किया है। कई वर्षों तक गंगा रामघाट के सैकड़ों वर्ष पुराने बरगद के नीचे तपस्या की।
योगी आदित्यनाथ की चर्चा करते हुए घड़े वाला बाबा ने कहा था कि योगी आदित्यनाथ एक महापुरूष हैं। उन्होंने कहा था कि योगी में वह सदगुण हैं, जो कम ही मिलते हैं। योगी ने परेशानी खूब झेली हैं, लेकिन समस्याएं और बाधाओं ने उन्हें कभी आगे बढ़ने से नहीं रोका। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि एक दिन योगी गद्दी पर राजकाज करेंगे, ऐसा करने से उन्हें कोई रोक नहीं सकता। योगी के भाषण और व्यक्तित्व का कोई सामना नहीं कर सकता। ऐसे महान व्यक्तित्व को देखकर बाधाएं और समस्याएं कमजोर पड़ जाती है। योगी के नाम पर राजकाज की भविष्यवाणी करने वाले कृष्णानंद गिरी दीपावली से पहले अपने प्राण त्याग दिए थे।