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कातिल बेटा : जिसने जन्म दिया, लाड़-प्यार से पालकर बड़ा किया, मामूली विवाद में उसी पिता को दी दर्दनाक मौत

Sun, 11 Jul 2021 02:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

पुलिस ने नरेंद्र के अलावा मुनव्वर अली उर्फ मोनू और शूटर नूर आलम पुत्र अब्दुल अजीज निवासी सलारपुर रोहटा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पिस्टल (7.65 बोर मय दो मैगजीन), बाइक व हत्या के वक्त नूर आलम द्वारा पहनी गई लाल रंग की टी शर्ट बरामद की।
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मेरठ एसएसपी प्रभाकर चौधरी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ के टीपीनगर क्षेत्र में मलियाना चौकी के पास महावीर अस्पताल के मालिक यशपाल चौधरी की हत्या उसके ही बेटे नरेंद्र ने भाड़े के शूटर नूर आलम से कराई थी। शूटर के अलावा किराए पर अस्पताल का संचालन कर रहे मुनव्वर को भी हत्या की साजिश में शामिल किया गया। पुलिस ने तीनों आरोपी गिरफ्तार कर उनके पास से पिस्टल और बाइक बरामद की है। हत्या का कारण संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद ही सामने आया है।
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मूलरूप से गाजियाबाद के पतला निवाड़ी गांव निवासी यशपाल सिंह का बागपत रोड पर महावीर अस्पताल है। यह उन्होंने किराए पर एक चिकित्सक को दिया था। पास ही उनका धर्मकांटा भी था। वह अक्सर रात को इसमें बने कमरे में सोया करते थे। 30 जून की रात भी यहीं सोए हुए थे। तभी गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। परिजनों की तहरीर पर अज्ञात हमलावर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। तभी से इंस्पेक्टर रघुराज सिंह, एसओजी प्रभारी वरुण शर्मा के साथ अन्य टीमें छानबीन कर रही थीं।
 

शनिवार को टीपीनगर थाने में एसपी सिटी विनीत भटनागर ने हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यशपाल सिंह का अपने बेटों से पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चला आ रहा था। इसी बिंदू पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। यशपाल चौधरी को बेटे नरेंद्र से खासा लगाव था।

उन्होंने अन्य बेटों की तुलना में नरेंद्र को संपत्ति का अतिरिक्त हिस्सा दिया था। अब वह अस्पताल और बदायूं की 180 बीघा जमीन को बेचकर बेटों में बराबर बाटने का मन बना चुके थे, लेकिन नरेंद्र को यह मंजूर नहीं था। उसने अस्पताल संचालक मुनव्वर अली उर्फ मोनू को अस्पताल में साझीदारी का लालच देकर खुद के साथ मिलाया और भाड़े के शूटर नूर आलम से पिता की हत्या करा दी।

पुलिस ने नरेंद्र के अलावा मुनव्वर अली उर्फ मोनू और शूटर नूर आलम पुत्र अब्दुल अजीज निवासी सलारपुर रोहटा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पिस्टल (7.65 बोर मय दो मैगजीन), बाइक व हत्या के वक्त नूर आलम द्वारा पहनी गई लाल रंग की टी शर्ट बरामद की।
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परिजनों ने भी जाहिर किया था शक
चार दिन पहले यशपाल के परिवार के कुछ लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे थे। उन्होंने अफसरों को बताया था कि यशपाल चौधरी ने मुनव्वर अली उर्फ मोनू को अस्पताल खाली करने का अल्टीमेटम दिया था। इस बिंदू को जांच में शामिल किया जाए।

इसे विवेचना में शामिल किया गया। दरअसल, मुनव्वर को नरेंद्र ने ही अस्पताल किराए पर दिलाया था। नरेंद्र ने मुनव्वर को अपनी योजना समझाई और उसे अस्पताल में 50 प्रतिशत का साझेदार बनाने व किराया आधा करने का लालच दिया था।
 
मुनव्वर ने ही उपलब्ध कराया शूटर
एसपी सिटी ने बताया कि डील तय होने के बाद शूटर की तलाश शुरू हुई। इसी दौरान मुनव्वर अली ने शूटर नूर आलम से संपर्क किया। नूर आलम पर काफी कर्ज था, जिसे चुकाने का भरोसा दिलाकर उसे भी अपने साथ मिला लिया। इसके बाद मुनव्वर ने ही पिस्टल की व्यवस्था की।

घटना के बाद नरेंद्र ने मौके पर जाकर अपने पिता की मौत की पुष्टि की और फिर बाद में खुद ही शोर मचा दिया। सीसीटीवी कैमरे में नरेंद्र ही हत्या से पहले धर्मकांटे के कमरे में जाता दिखाई दिया। नरेंद्र ने ही थाने में हत्या का केस पंजीकृत कराया था। इसके पीछे एक रात पहले दो भाइयों के बीच हुआ विवाद बताया गया ताकि पुलिस को उस पर शक न हो।
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