एशियन गेम्स व ओलंपिक में सोना लाने का लक्ष्य
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक लाने का सपना अधूरा होने पर दिव्या ने कहा उनकी नजरें सोने पर ही थी। लेकिन पहली ही कुश्ती नाइजिरिया की तगड़ी पहलवान से पड़ गई। जिसमें वो आक्रमक तौर पर खेल गई, जिससे नुकसान हुआ। लेकिन हर दिन अलग होता है और खेलों में सही समय पर सही तकनीक से जीत हासिल होती है। लेकिन मुझे फख्र है कि पउप्र की वो पहली ऐसी बेटी हैं जो राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार दूसरी बार पदक लेकर आईं हैं।
होने वाली ससुराल में बेटियों की तरह मिल रहा प्यार
मुजफ्फरनगर के पुरबालियान गांव की बेटी दिव्या काकरान जल्द मेरठ की बहू बनने जा रहीं हैं। उनका रिश्ता मेरठ निवासी सचिन प्रताप सिंह के साथ तय हुआ है। दिव्या ने बताया उनके मंगेतर सचिन प्रताप सिंह बॉडी बिल्डिंग के राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और उनको प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। जिसके कारण वो मेरठ ससुराल में भी आती रहतीं हैं। जहां मुझे बेटियों की तरह प्यार मिल रहा है, परिवार और देश वासियों का प्यार मिलता रहा तो वो देश का मान बढ़ाती रहेंगी। अमर उजाला कार्यालय में सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक व तीरंदाजी संघ जिला सचिव अनुज शर्मा ने दिव्या काकरान व उनके मंगेतर सचिन प्रताप सिंह को सम्मानित कर हौसला बढ़ाया।