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World Sparrow Day: मेरठ में 12 वर्षों से गौरैया बचाने की मुहिम चला रहे एनएएस के शिक्षक, रंग ला रहा प्रयास

Mon, 20 Mar 2023 11:35 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

गौरैया धीरे-धीरे विलुप्ति के कगार पर पहुंचती जा रही है। भारत में इसकी संख्या लगातार घट रही है। ऐसे में इसके संरक्षण की आवश्यकता है। मेरठ में शिक्षकों द्वारा चलाई जा रही एक ऐसी ही मुहिम अब रंग ला रही है।
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sparrow - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गौरैया बचाने के लिए मेरठ के एनएएस कॉलेज के शिक्षकों की 12 साल से चलाई जा रही मुहिम रंग ला रही है। कॉलेज के आसपास बड़ी संख्या में गौरैया नजर आने लगी हैं। गौरैया बचाओ अभियान के तहत गौरैया मित्र क्लब एनएएस डिग्री कॉलेज के शिक्षक प्रो. देवेश चंद्र शर्मा, प्रो. विवेक त्यागी, प्रो. नवीन चंद्र गुप्ता 12 वर्षों से गौरैया संरक्षण में लगे हैं। अब तक ये लकड़ी से बने हजारों घर लोगों को बांट चुके हैं। ये लोगों को गर्मी के दिनों में छत पर दाना-पानी रखने के लिए जागरूक कर रहे हैं। संगोष्ठियों के माध्यम से सेव गौरैया, सेव लाइफ मुहिम चला रहे हैं।
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गौरैया की गणना आज
गौरैया दिवस पर स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रबुद्ध नागरिकों, छात्रों आदि के सहयोग से गौरैया की गणना होगी। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजेश कुमार ने बताया कि आज विश्व गौरैया दिवस होने की वजह से गणना होगी। उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि वयस्क गौरैया, उसके बच्चों और घोंसलों की संख्या वन विभाग की ई-मेल forestmeerut@gmail.com अथवा फोन नंबर-9410861386 पर व्हाट्सएप से भेजें। 

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वन विभाग को अभी तक मिली 1091 गौरैया
विश्व गौरैया दिवस को लेकर वन विभाग की ओर से अभियान चलाकर गौरैया की गिनती की जा रही है। अभी तक विभाग के पास 1091 चिड़ियों की तस्वीर शहर में अलग-अलग जगहों से लोगों की ओर से भेजी जा चुकी है। विश्व गौरैया दिवस 20 मार्च यानी आज है। इसे लेकर वन विभाग की ओर से शहरवासियों से गौरैया को बचाने की अपील की गई थी। इस क्रम में लोगों से चिड़िया के फोटो खींचकर विभागीय अधिकारियों को भेजने के लिए कहा गया था। रविवार तक विभाग को शहर के कंकरखेड़ा, शास्त्रीनगर, परतापुर, कांशी समेत कई क्षेत्रों से 1091 गौरैया की जानकारी प्राप्त हुई। इसके साथ ही विभाग की ओर से लोगों से चिड़िया के संरक्षण की भी अपील की गई है। 

गौरैया संरक्षण की दिलाई शपथ  
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में एनवायरमेंट क्लब द्वारा गौरैया संरक्षण पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बर्ड हाऊस बनाए गए। छात्र-छात्राओं ने डिब्बों से गौरैया के घर बनाए। सभी को गौरैया मित्र की शपथ दिलाई गई। विभाग के निदेशक डॉ. प्रशांत ने कहा कि नन्ही गौरैया को बचाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।  

ऐसे रखें ध्यान 
-गर्मी के दिनों में अपने घर की छत पर बर्तन में पानी भरकर रखें।
-बालकनी, छत और पार्कों में गौरैया को खाने के लिए कुछ अनाज छतों और पार्कों में रखें।
-आजकल बाजार में लकड़ी के चिड़ियों के घर बिक रहे हैं, इनको घर के बाहर सुरक्षित जगह पर लटका सकते हैं।
-गौरैया को कभी नमक वाला खाना नहीं डालना चाहिए, नमक उनके लिए हानिकारक होता है।
-प्रजनन के समय उनके अंडों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
-आंगन और पार्कों में कनेर, नींबू, अमरूद, अनार, मेहंदी, बांस, चांदनी जैसे पौधे लगाएं।
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