एक समय था जब परिचितों का हाल जानने के लिए लोग एक दूसरे को चिट्ठियां लिखा करते थे। उस दौर में डाकियों का इंतजार सिर्फ चिट्ठी के लिए किया जाता था। बदले दौर में फोन और इंटरनेट ने चिट्ठियों का इंतजार ही खत्म कर दिया। आधुनिक समय में डाक विभाग ने अपना दायरा बढ़ाया और सेवाओं का तरीका बदल दिया। अब घर-घर एटीएम बनकर भी डाकिया पहुंच रहे
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक चला रहा लाभकारी योजनाएं
डाक विभाग की बैकिंग सेवाएं भी कई लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। इनमें सुकन्या समृद्धि योजना का लोगों ने खूब लाभ लिया है। हाल ही में हुए पासबुक वितरण समारोह में मंडल में एक ही दिन में 2513 सुकन्या योजना के खाते खुलवाए गए।
प्रवर डाक अधीक्षक अनुराग निखारे ने बताया कि कन्या के जन्म होने पर माता-पिता 250 रुपये के खाते खुलवा सकते हैं। इसके बाद एक हजार रुपये एकमुश्त या फिर किश्तों में जमा करा सकते हैं। इसके बाद बेटी की उम्र 18 साल होने पर जमा राशि में से 50 प्रतिशत और 21 साल की उम्र होने पर पूरी धनराशि निकाली जा सकती है।
इसके अलावा छोटी बचत के लिए भी विभाग योजनाएं चला रहा है। आवर्ती जमा खाता, मासिक आय योजना, राष्ट्रीय बचत पत्र, किसान विकास पत्र आदि योजनाओं में विभिन्न ब्याज दरों का लाभ ले सकते हैं।
547 डाकिया दे रहे वित्तीय सेवाएं
प्रवर डाक अधीक्षक अनुराग निखारे ने बताया कि डाकिया कई महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं। सुदूर क्षेत्रों में डाकिया चिट्टी के अलावा जरूरतमंद लोगों को एईपीएस सेवा के तहत नकदी निकासी की सुविधा उनके द्वार पर ही दे रहे हैं। घर-घर जाकर खाते खोलना, नकदी जमा एवं निकासी की सुविधा दी जा रही है। मंडल में कुल 547 ग्रामीण डाक सेवक और डकिया हैं। वह मेरठ और बागपत जिले में सेवाएं दे रहे हैं।