मेरठ। विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाता है। वहीं जनसंख्या नियंत्रण ‘परिवार नियोजन’ जैसी योजनाएं वोट बैंक के खेल में गुम हो गई हैं। आजादी के बाद किसी भी प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर जनसंख्या नियंत्रण के संबंध में कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि 1992 में नरसिंहा राव की सरकार में 79वां बिल बनाया गया, लेकिन वो राज्यसभा तक नहीं पहुंचा। वहीं परिवार नियोजन अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में जनसंख्या 3447405 को पार कर गई।
जिले में ‘सेव इंडिया जन फाउंडेशन’ और ‘सुरभि परिवार’ सहित कई सामाजिक संगठन सालों से जनसंख्या नियंत्रण कानून बनवाने के प्रयास में जुटे हैं। ऐसे में किसी ने उलटी पदयात्रा तो कोई मानव श्रृंखला बनाकर लोगाें में जागरूकता लाने का प्रयास कर रहा हैं। सरकार द्वारा सख्त कदम न अपनाए जाने के कारण इन संगठनों को अभी तक निराशा ही हाथ लगी है।
हम दो हमारे दो
आजादी के बाद 1952 में परिवार नियोजन के बारे में सोचा गया। तब ‘हम दो हमारे दो’ और ‘छोटा परिवार सुखी परिवार’ आदि नारे प्रचलित हुए। लेकिन समय के साथ ये नारे कहीं खो गए। अब स्वास्थ्य विभाग भी विश्व जनसंख्या दिवस पर ही जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है।
10 किमी की मानव श्रृंखला बनाई
जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग लेकर ‘सेव इंडिया फाउंडेशन’ अप्रैल 2014 से जागरूकता अभियान की शुरूआत की। संयोजक राजेश शर्मा ने बताया कि यदि जनसंख्या इसी प्रकार बढ़ती रही तो आने वाले समय में मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर पाना असंभव हो जाएगा। शहर में 10 किलोमीटर की मानव श्रृंखला बनाई।
140 शहरों में की उल्टी पदयात्रा
सुरभि परिवार के दिनेश तलवार ने जनसंख्या नियंत्रण के महत्व को समझते हुए 1994 में अभियान की शुरूआत मेरठ से की थी। उन्होंने बताया कि 25 सालों में शहर में लगभग 10 हजार बार कलक्ट्रेट सहित मुख्य चौराहों, स्कूलों, बसों और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 55 बार उन्होंने दिल्ली जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर सरकार तक ज्ञापन पहुंचाया। दिनेश तलवार ने आठ प्रदेशों के लगभग 140 शहराें में उलटी पदयात्रा कर जागरूक किया। वहीं सुरभि परिवार ने वर्ष 2010 में लगातार 365 दिन तक मेरठ जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर रामधुन गाई। इसी क्रम में दिल्ली स्थित भाजपा और कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भी रामधुन गाई थी। साथ ही 2018 में पोस्ट कार्ड अभियान शुरू किया। दिनेश तलवार, दिशा तलवार, सिमरन और यश ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग अब तक वह 60 हजार पोस्टकार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री तक भेज चुके हैं।
आरटीआई में सुरभि परिवार को मिले जवाब
प्रश्न: आजादी के बाद जनसंख्या को लेकर पीएम का सार्वजनिक बयान बताएं
उत्तर: किसी भी प्रधानमंत्री ने आजादी के बाद सार्वजनिक तौर पर जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कोई बयान नहीं दिया है।
प्रश्न: जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कोई कानून लाने का प्रयास किया गया
उत्तर: 1992 में नरसिंहा राव सरकार में ‘79’ वा बिल बनाया गया। जिसमें जिक्र किया गया था कि चुनाव वही लड़ पाएगा जिसके दो बच्चे होंगे। हालांकि राज्यसभा से मिले जवाब आया कि राजनीतिक इच्छा शक्ति न होने के कारण बिल पेश नहीं किया जा सका।
प्रश्न: जनसंख्या नियंत्रण को लेकर क्या योजना है
उत्तर: सरकार ने टोल फ्री नंबर जारी किया है। इस नंबर पर कोल कर व्यक्ति जानकारी ले सकता है।
प्रश्न: देश में प्रतिदिन कितने बच्चे जन्म लेते हैं
उत्तर: देश में प्रतिदिन 61 हजार बच्चे जन्म लेते हैं।
स्वास्थ्य विभाग निकालेगा रैली
विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैली निकाली जाएगी। परिवार नियोजन अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि आज जिला अस्पताल से महिला अस्पताल तक रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। वहीं, स्वास्थ्य प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।