दौर बदल गया है, कैमरे बदल गए। हर हाथ में मोबाइल पहुंचा और हर व्यक्ति तक पहुंच गए फोटो। लेकिन एक चीज है जो कभी नहीं बदली। वह है फोटो को लेकर लोगों का शौक और जुनून। यही वजह है कि मोबाइल में भी कैमरों की संख्या लगातार बढ़ती चली जा रही है।
बागपत जनपद के बालैनी क्षेत्र के पुरा गांव निवासी और टीवी की दुनिया में धमाल मचा रहे सीनियर कैमरामैन मनीष मलिक कहते हैं कि फोटो की चाहत लोगों के दिल में बरकरार है। यही वजह है कि कैमरे और कैमरामैन चल रहे हैं। चीजें बदल गई हैं, चाहत नहीं। जरूरत बदल गई है।
एंड्राइड मोबाइल आ जाने के बाद से हर वीडियो और फोटो लोग खुद बना रहे हैं। लेकिन खुद वीडियो और फोटो खींचने और प्रोफेशनल तरीके से कार्य करने में धरती-आसमान का अंतर है। अगर कोई व्यक्ति कैमरे की दुनिया में कॅरियर बनाना चाहता है तो उसके लिए सबसे ज्यादा समर्पण भाव की जरूरत होती है।
कैमरे में बड़ी ताकत होती है। कैमरे की जानकारी और उसके प्रयोग के एंगल की पहचान करनी होती है। कैमरा किरदारों की कहानी बयान करता है।
किसान के बेटे ने लहराया परचम
पुरा गांव के किसान महावीर सिंह ठेकेदार के बेटे मनीष मलिक ने साल 2008 में मुंबई की राह पकड़ी। कैमरे से शुरूआत की और वह कैमरे के होकर रह गए। टीवी सीरियल ये है मोहब्बतें, गठबंधन और ये हैं चाहते को लंबे समय तक उन्होंने शूट किया है।
'सावधान इंडिया' शो में वह अपने कैमरे का कमाल दिखा चुके हैं। कहते हैं कि पिता महावीर सिंह और मां धर्मकौर ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनकी पत्नी मीनाक्षी शिक्षिका हैं।