इस बार वह लॉकडाउन लागू होने के 10 दिन पहले ही देहरादून गए थे। लॉकडाउन होने से कंपनी बंद हो गई। कंपनी मालिक ने सभी मजूदरों को वहां से भगा दिया। उनकी मजदूरी भी नहीं दी। लॉकडाउन होने के कारण पुलिस ने उन्हें वहां से भागने नहीं दिया। वह जैसे-तैसे वहां रहे।
जब रोटी के लाले पड़ गए तो वह चार दिन पहले वहां से किसी तरह से निकले। रास्ते में पुलिस ने कई जगह चेकिंग की। लेकिन रास्ते में उन्हें कहीं पर रोटी नहीं मिली। उन्होंने नमकीन और बिस्किट से गुजारा किया। वे चार दिन तक भूखे रहे। जब धामपुर पुलिस ने पकड़ लिया और मेडिकल कराने के बाद यहां पर आइसोलेट किया तो उन्हें भरपेट भोजन मिला।
अब बढ़ कर संख्या हुई 44
धामपुर के मनभावन बैंक्वेट हाल में सोमवार को आइसोलेट लोगों की संख्या बढ़ कर 44 हो गई है। इनमें से एक महिला है। तीन मजदूर बिहार के मधुबनी निवासी अजय कुमार, राहुल व अरविंद कुुमार शामिल हैं। एक राजस्थान के भरतपुर निवासी पुष्पेंद्र कुमार शर्मा व दो उत्तराखंड निवासी मनीष थापा व अनुज मौर्य शामिल हैं।