सरधना। नगर के कालंद चुंगी पर चेकिंग के दौरान पुलिस पर चालान काटने के नाम पर भाकियू आंदोलनकारी गुट ने रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। इसे लेकर संगठन के कार्यकर्ता मौके पर ही धरने पर बैठ गए। रोड पर धरने पर बैठने से कई गांवों में जाने वाले राहगीर जाम में फंस गए। आरोप है कि पुलिस ने दूसरे संगठन के लोगों को भड़काकर आपस में झगड़ा कराने का प्रयास किया। उन्होंने वरिष्ठ उप निरीक्षक के निलंबन की मांग की है।
भाकियू आंदोलनकारी गुट के नगर अध्यक्ष अकरम बाबू ने बताया कि बुधवार को वह अपनी बाइक पर सवार होकर कालंद चुंगी से अपने घर जा रहा था। पुलिस द्वारा कालंद चुंगी पर चेकिंग की जा रही थी। वहां मौजूद उप निरीक्षक हेलमेट न लगाने की बात कहकर चालान करने लगे। आरोप है कि उसने अपना परिचय दिया तो पुलिस ने दो हजार का चालान बताते हुए एक हजार की मांग की। उसने विरोध किया तो पुलिस ने मौके पर दूसरे संगठन के लोगों को बुलाकर आपस में झगड़ा कराने का प्रयास किया।
अकरम बाबू ने मामले की जानकारी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष निक्की तालियान व युवा प्रदेश अध्यक्ष शाकिर मुखिया को दी। दोनों पदाधिकारी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने उप निरीक्षक के निलंबन की मांग की। धरने के दौरान गांव महादेव, कालंद, कालंदी, नाहली, पाली, पिठलोकर, छुर, मुल्हेड़़ा को जाने वाले लोग जाम में फंस गए। समाचार लिखे जाने तक संगठन के लोग धरने पर बैठे हुए थे।
सीओ संजय जायसवाल के आश्वासन पर कार्यकर्ताओं ने रात 1:00 बजे धरना समाप्त कर दिया।