इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों की फैक्टरी प्रबंधन से वार्ता हुई, जिसमें आश्रित परिवार के लिए 30 लाख मुआवजे की मांग की गई, लेकिन घंटों की गहमागहमी के बाद फैक्टरी प्रबंधन ने पांच लाख रुपये मुआवजे का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया गया है।
इन्होंने कहा...
इंस्पेक्टर सिखेड़ा पीपी शर्मा का कहना है कि पत्थर लदे ट्रक के नीचे आने से रामशरण की मौत हुई है, जिसमें दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। रामशरण के बेटे प्रवेश कुमार ने हादसे की तहरीर दी है, जिस पर रिपोर्ट दर्ज करते हुए आरोपी ट्रक चालक मुजीब को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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