मेरठ। महानगर में ज्यादातर नाले चोक हैं। ऐसे में नगर आयुक्त डॉ अरविंद कुमार चौरसिया ने 30 अप्रैल तक नाला सफाई की कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बुधवार को नगर आयुक्त ने नगर निगम स्थित सभागार में वाहन डिपो प्रभारी और सफाई इंस्पेक्टरों के साथ बैठक की। नगर आयुक्त ने कहा कि नाला सफाई का प्लान शासन को भेजा जाना है ऐसे में इसकी कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि ओडियन नाला, आबू नाला प्रथम और द्वितीय की विशेष स्तर पर सफाई की जानी है। इसके अलावा भैसाली बस अड्डे के पास से गुजर रहे नाले और मोहनपुरी सूरजकुंड से गुजर रहे नाले की सफाई टेंडर प्रक्रिया के तहत मैन्युअली कराई जानी है। ऐसे में इस पर आने वाले खर्च का भी बजट प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए। इस दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र कुमार सिंह समेत दिल्ली रोड, कंकरखेड़ा और सूरजकुंड डिपो प्रभारी व सफाई इंस्पेक्टर मौजूद रहे।
गंदगी से भरा पड़ा है ओडियन नाला, बदबू से जनता परेशान
मेरठ। महानगर में नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। आलम यह है कि नालों से उठ रही बदबू के कारण जहां लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है वहीं मच्छरों के कारण बीमारियों का डर भी बना हुआ है। लोगों का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी के बीच नगर निगम को नालों की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद निगम अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं।
पूर्व पार्षद सरताज अहमद और आदिल सिद्दीकी का कहना है कि ऊंचा सद्दीकनगर में भूमिया का पुल से लेकर पिलोखड़ी पुल तक नाला गंदगी से भरा पड़ा है। नालों में कई मृत जानवरों के शव भी पड़े हैं जो सड़ रहे हैं। ऐसे में बदबू के कारण घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है। वहीं बीमारियों का डर भी बना हुआ है। उन्होंने बताया कि कई छोटे नाले तो ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ गए हैं। रमजान के दौरान गंदगी के कारण रोजेदारों को परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त और महापौर को पत्र लिखकर नाला सफाई कराने की मांग की है