परतापुर स्टेट हाइवे स्थित वुड क्राफ्ट फैक्ट्री में बुधवार तड़के भीषण आग लग गई। दमकल की छह गाड़ियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू किया। दमकल टीम रात तक फैक्ट्री में राहत कार्यों में जुटी रही। आग से फैक्ट्री में लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
हाइवे पर भूड़बराल गांव से सटी नेचुरल वुड क्राफ्ट एक्सपोर्ट फैक्ट्री है। इसमें लकड़ी के सजावटी आइटम तैयार होते हैं। बुधवार तड़के करीब तीन बजे फैक्ट्री में आग लग गई। वहां मौजूद कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग बढ़ती चली गई। सुबह करीब साढे़ पांच बजे सूचना पर परतापुर फायर स्टेशन प्रभारी मुकेश कुमार के साथ घंटाघर और पुलिस लाइन फायर स्टेशनों से दमकल की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। लेकिन तब तक आग गोदाम तक फैल गई। दमकल कर्मियों ने करीब 10 बजे आग पर काबू पा लिया, लेकिन मलबा देर रात तक सुलगता रहा। फैक्ट्री संचालक अमर माहेश्वरी ने बताया कि आग से करीब 30 से 40 लाख का नुकसान होने का अनुमान है।
आबादी तक नहीं पहुंची चिंगारी
फैक्ट्री के पास ही एक जैन मंदिर है। 150 मीटर दूर भूडबराल गांव है। शुक्र रहा कि फैक्ट्री की आग गांव तक नहीं पहुंची। हालांकि बुधवार सुबह चल रही तेज हवाओं से चिंगारी आबादी तक पहुंच सकती थी।
फैक्ट्री में पर्याप्त संसाधन
परतापुर फायर स्टेशन प्रभारी मुकेश कुमार के अनुसार फैक्ट्री में आग बुझाने के उपकरण तो थे, लेकिन हाइडेंट नहीं थे। जबकि इतनी बड़ी फैक्ट्री में ये सब होना चाहिए।