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Meerut News: सुरक्षा के साथ महिलाओं को मिले सम्मान, शहर को भी संवारा जाए

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सुनील कैथवास....अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में शामिल महिलाएं।
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मेरठ। नवरात्र में नारी शक्ति के स्वरूप में सोमवार को अमर उजाला कार्यालय पर पहुंचीं महिलाओं ने संवाद कार्यक्रम में अपनी कुछ मांगें उठाईं तो कई सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि शहर में महिलाओं को बेहतर सुरक्षा के साथ सम्मान भी मिलना चाहिए। स्कूल-कॉलेजों के बाहर रोमियो गैंग फिर से सक्रिय हो गया है। इससे बेटियों और महिलाओं को निजात दिलाने की जरूरत है। महिला कॉलेजों के बाहर फिर से पावर एंजिल्स को तैनात किया जाना चाहिए। शहर को भी और संवारा जाना जरूरी है।
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शहर रामलीला में सीता का किरदार निभा रहीं हितांशी ने बताया कि मेरठ के लोग बहुत अच्छे हैं। यहां रामलीला में सीता का किरदार निभा रही हूं। दिल्ली में पिछले पांच साल से यही किरदार निभा रही थी, लेकिन लोगों में ऐसा भाव देखने को नहीं मिला। वह भी चाहती हैं कि इस शहर के साथ ही हर जगह महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिले ताकि वे आजादी से अपनी इच्छा के अनुरूप शिक्षा और कॅरिअर में आगे बढ़ सकें।
डाॅ. मनीषा त्यागी ने कहा कि शहर में सफाई की सही व्यवस्था होनी चाहिए और अस्पतालों के बाहर लाइट की सही व्यवस्था हो ताकि रात को आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़ा। मेघा शर्मा ने कहा कि शहर को संवारने के लिए लोगों को भी नगर निगम के साथ मिलकर काम करना चाहिए, ताकि शहर साफ-सुथरा रहे और इसकी अलग पहचान हो।
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कोमल रस्तोगी ने कहा कि बाजारों में दुकान के बाहर वाहनों की पार्किंग होने की वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती हैं। इसके लिए पुलिस प्रशासन को आगे आने की जरूरत है ताकि सुधार हो सकें। डॉ. वागमिता त्यागी ने कहा कि महिला कॉलेजों के बाहर फिर से पांवर एंजिल्स तैनात किया जाए जिससे छात्राएं सुरक्षित महसूस कर सकें। उर्वशी चौधरी ने कहा कि पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनाई जाए ताकि अभिभावक वहां अपनी समस्याओं को रख सकें।

बदहाल सड़कों से दिलाएं निजात
रुचिरा चंदेल ने कहा कि शहर की सड़कों की हालत खराब है। अगर कहीं की सड़क बना दी गई तो उसके तुरंत बात वहां पाइपलाइन बिछाने का काम शुरु कर दिया जाता है। इससे काफी नुकसान होता है। ऐसे में विभागों को आपस में सामंजस्य बनाने की जरूरत है। उनका कहना है कि बदहाल सड़कों से लोगों को हर हाल में निजात दिलाई जाएं।
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कॉलोनियों में लाइटें बेहतर हों, सीसीटीवी कैमरे बढ़ाएं
डॉ. निशा मनीष ने कहा कि कॉलोनियों के अंदर बेहतर लाइटें हों। अक्सर अंधेरा होने की वजह से महिलाओं के साथ लूट, छेड़छाड़ सहित अन्य घटनाएं होती हैं। इसके साथ ही शहर के अधिकतर मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे बढ़ाए जाएं ताकि आपराधिक तत्वों पर अधिक निगरानी की जा सके। वहीं, निधि जैन ने कहा कि नगर निगम को शहर के विकास में सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत है। अक्सर देखने में आता हैं कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी नाली आदि की सफाई करने के बाद कूड़े को वहीं छोड़ जाते हैं, जिससे परेशानी होती है। सफाई के तुरंत बात कूड़ा उठाया जाना चाहिए।
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बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिलाएं
रुचि बलूनी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के प्रति खुद भी जागरूक होना होगा। घर से ही बेटियों को ऐसी शिक्षा दें कि वह बाहर जाने में अपने आप को असहाय महसूस न करें और मजबूती के साथ जीवन में आने वाली समस्याओं का सामना कर सकें। स्कूलों में भी बेटियों को आत्मनिर्भर बनने की ट्रेनिंग दी जाए। उन्हें आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिलाया जाए।
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