शहर के विकास में महिलाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है लेकिन अभी भी एक समस्या जस की तस है। वह है महिलाओं की सुरक्षा की। घर से बाहर कहीं भी जाते समय महिलाएं सुरक्षित रहे ये बहुत जरूरी है। अमर उजाला संवाद में महिलाओं ने कहा कि महिलाएं ही हैं जो दूसरी महिलाओं को जागरूक कर सकती हैं। संस्थाओं को गांवों और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर उन्हें सुरक्षा और व्यापार में जागरूक करने ही जरूरत है।
शनिवार को अमर उजाला कार्यालय में संवाद कार्यक्रम में पहुंचीं शिक्षिकाओं और समाजसेवियों ने अपनी मांग उठाने के साथ ही कुछ सुझाव भी दिए। शहीद मंगल पांडे कॉलेज से प्रो. लता कुमार ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए लड़कों को भी सिखाएं कि एक महिला के साथ किस तरह व्यवहार करना चाहिए। हर कोई महिलाओं को तो बचाव के तरीके बताता है, पर अब पुरुषों की बारी है ये समझने की।
सारथी संस्था की अध्यक्ष कल्पना पांडे ने कहा कि यातायात, सड़कें यानि शहर को और विकास की जरूरत है। इसमें सबसे पहले ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होना जरूरी है।
गंगासागर निवासी रायना ने कहा कि हमें महिलाओं को जागरूक करने के लिए एक ग्रुप बनाने की जरूरत है। जिससे वे व्यापार के बारे में समझें और अपना खुद का व्यापार शुरू करें। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। महिलाओं को सही प्रशिक्षण, सुरक्षा और वित्तीय सहयोग मिलता रहे, तो वे शहर के आर्थिक विकास की रीढ़ साबित हो सकती हैं।
पायल जैन ने कहा कि आजकल किसी पर भी भरोसा करना मुश्किल है। महिलाओं को ही आगे आकर एक-दूसरे की मदद करनी होगी।
कुमकुम गोयल ने कहा कि सबसे ज्यादा महिलाओं के साथ छेड़-छाड़ ऑटो में की जाती है, खासकर कॉलेज जाने वाली छात्राओं के साथ। छात्राओं को ये समझना होगा कि चुप रहकर सहने से अपराध और बढ़ेगा ही, बल्कि निडर होकर तभी उनसे सामना करें।
हेल्थ एंड फिटनेस क्लब से सोनम वर्मा ने कहा कि सभी एनजियों की महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए आगे आएं, ताकि महिलाएं जागरूक हो सकें। महिला को महिला की स्पोर्ट करनी होगी। तभी चांहें रोजगार हो या सुरक्षा तभी समस्याओं का हल निकलेगा।
दीपा भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं के लिए योजनाएं तो चलाई जा रहीं हैं, पर उनके पास तक योजनाएं पहुंच नहीं रहीं। संस्थाओं द्वारा गांव व छोटे-छोटे एरिया में जाकर जागरूक करने की जरूरत है।
मीनाक्षी पाल ने बताया कि सरकार की योजनाओं के तहत महिलाओं को ऋण, प्रशिक्षण और सब्सिडी की सुविधा अच्छे से दी जानी चाहिए। इससे महिलाओं में व्यापार शुरू करने का आत्मविश्वास बढ़ेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन मार्केटिंग से व्यापार को शहर और शहर से बाहर भी पहचान मिलेगी।