पट्टे निरस्त होने की जानकारी से भी असमंजस
ग्रामीणों ने बताया कि पहले चरला और निहोरी गांव एक-दूसरे से सटे हुए थे और दोनों गांवों का ग्राम प्रधान भी संयुक्त था। अब पट्टे की जमीन को लेकर विवाद बना हुआ है। महिलाओं का कहना है कि प्रशासन की ओर से पट्टे निरस्त किए जाने की जानकारी भी दी गई है, लेकिन उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
एसडीएम से नहीं हो सकी मुलाकात
शुक्रवार को मोहसिना, राजेश, समीना, राजो, रोशनी, गुलशन, बलबीरी, रिहाना और जगरोशनी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं तहसील पहुंचीं। महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि वे अपनी शिकायत लेकर एसडीएम से मिलने के लिए इंतजार करती रहीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि एसडीएम उनकी शिकायत सुने बिना ही गाड़ी में बैठकर तहसील से चले गए। इससे धरने पर बैठी महिलाओं में नाराजगी बढ़ गई।
निष्पक्ष जांच और कब्जा दिलाने की मांग
धरने पर बैठी महिलाओं और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पट्टों की वैधता और वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही पात्र लाभार्थियों को उनकी आवंटित कृषि भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग उठाई गई। उनका कहना है कि वर्षों पहले आवंटित जमीन का लाभ अब तक नहीं मिल सका है।