रिश्ता टूटा तो युवती का फोटो वायरल कर दिया। युवती की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। सवाल उठता है कि आखिर कांस्टेबल ने ऐसा क्यों किया। पुलिस ही ऐसा करेगी तो कौन उन पर यकीन करेगा। आम जनता पुलिस पर कैसे विश्वास कर पाएगी।
थाने में अराजकता का माहौल
थानों में अराजकता होगी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। ये मामला सिर्फ दो महिला कांस्टेबलों में मारपीट का ही नहीं, बल्कि पुलिस की साख का भी है। महिला थाने में पहले भी महिला कांस्टेबलों में मारपीट हुई है। एक मामला तत्कालीन इंस्पेक्टर रीता शुक्ला के कार्यकाल में हुआ और इंस्पेक्टर अनुराधा सिंह के सामने हुआ। ये मामले लखनऊ तक पहुंचे, जिसमें बड़ी कार्रवाई हुई थी।
कार्रवाई पर खामोशी
इंस्पेक्टर नेहा चौहान ने बताया कि दोनों महिला कांस्टेबलों में गाली-गलौज और मारपीट हुई है। इसकी रिपोर्ट एसएसपी को भेजी है। सवाल उठता है कि इस मामले में अभी पुलिस अधिकारी खामोश बैठे हैं। एसपी सिटी रणविजय सिंह का कहना कि दोनों महिला कांस्टेबलों में मारपीट होने की जानकारी मिली है। दोनों में समझौता हो गया है।