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कुंडल लूट रहे संघ कार्यकर्ता को महिला ने पकड़ा, पुलिस ने समझौता कराकर आरोपी को छोड़ा

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मेरठ। अपराध कैसे रुके? दिनदहाडे़े लूट हुई, पीड़िता ने लुटेरा रंगेहाथ पकड़कर पुलिस को सौंपा। लूट करने वाला संघ कार्यकर्ता था, यह सुनते सरकारी मशीनरी बैकपुट पर आ गई। करीब पांच घंटे तक मेडिकल थाने में सेटिंग चली। लुटे कुंडल का पैसा आरोपी से पीड़िता को दिलवाकर समझौता लिखा गया और फिर आरोपी को थाने से क्लीनचिट देकर छोड़ दिया गया।
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सुबह के 11:30 बजे थे। डॉक्टर के केबिन के बाहर कविता लाइन में लगी थी। जहां पर संघ कार्यकर्ता भी लगे थे। कविता ने शोर मचाया और संघ कार्यकर्ता का हाथ पकड़कर कहा कि उसने मेरे कान का एक कुंडल नोंचा और अपने साथी को दे दिया। साथी कुंडल लेकर भाग गया। संघ कार्यकर्ता सफाई देते रहे कि महिला झूठ बोल रही है। उन्होंने कोई लूट नहीं की। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देख सकते हैं। इत्तेफाक कहें या कुछ और। मौके पर कोई कैमरा नहीं लगा था।
मामले में हंगामा हुआ तो पुलिस भी पहुंच गई। जानकारी पर भाजपा के कई नेता और संघ कार्यकर्ता भी पहुंचे। थाने में दिनभर गहमागहमी चली। शाम करीब 4:30 बजे पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया। पुलिस ने महिला का दूसरा कुंडल ले लिया और मेडिकल के सामने मंशा देवी वाले मार्ग सराफ की दुकान पर ले गए। कुंडल का वजन कराया। सराफ ने नौ हजार रुपये का बताया। संघ कार्यकर्ता ने नौ हजार रुपये दे दिये।
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साहब, ये दिनभर व्यस्त रहते हैं
संघ कार्यकर्ताओं ने पुलिस से कहा कि साहब, यह तो दिनभर व्यस्त रहते हैं। आसपास के लोग भी उनका सम्मान करते हैं। बुलंदशहर में वह संघ कार्यकर्ता के नाम जाने जाते हैं। मेडिकल में एक मरीज का इलाज कराने आए थे। इसी दौरान महिला ने लूट का आरोप लगा दिया। हमने बहन समझकर पैसा दे दिया है। शुक्रवार को मेडिकल में लगे सीसीटीवी कैमरे भी देखेंगे।
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महिला ने कोई तहरीर नहीं दी। दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। कुंडल के पैसे दिये या नहीं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। इंस्पेक्टर मेडिकल से इस वारदात की जानकारी ली जाएगी।
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-डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी मेरठ।
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