महिलाओं को तीन तलाक के मुद्दे पर भले ही देश भर में अभी बहस छिड़ी हो। लेकिन परिवार परामर्श केंद्र (पीपीके) में दो माह से ऐसे प्रार्थनापत्रों में इजाफा हुआ है, जिनमें महिलाएं कह रही हैं कि उन्हें अब अपने शौहर पर एतबार नहीं रहा, इसलिए वे तंग आकर खुद तलाक चाहती हैं। सप्ताह में औसतन 3-4 केस तलाक के ही आ रहे हैं, जो संख्या जून के प्रथम सप्ताह तक 17 तक पहुंच चुकी है।
शक दूसरी से चक्कर का
लिसाड़ी गेट निवासी महिला के अनुसार उसकी शादी को करीब चार साल हुए हैं। तीन बच्चे हैं। पति शराब पीता है। अक्सर रात को घर नहीं आता है। शक है कि उसका किसी दूसरी औरत से चक्कर है। इस महिला ने पीपीके प्रभारी से कहा कि वह ऐसे पति के साथ नहीं रहना चाहती। वह तलाक चाहती है।
दांपत्य जीवन में दरार
लिसाड़ी गेट निवासी महिला की शादी को दो साल ही हुए हैं। आरोप है कि शौहर उस पर देवर के साथ रहने का दबाव बनाता है। विरोध करने पर शराब पीकर उसे पीटता है। महिला पति से तलाक चाहती है। वहीं पति का आरोप है कि उसकी बीवी के शादी से पहले किसी दूसरे मर्द से संबंध थे। अब भी वह उसके पास रहना चाहती है, इसलिए तलाक चाहती है। आरोप-प्रत्यारोप से दांपत्य जीवन में दरार पड़ चुकी है।