पुलिस जांच में सामने आया कि मिमलाना रोड निवासी नाजमा करीब डेढ़ साल पूर्व शौहर कल्लू व चार बच्चों के साथ पंजाब मजदूरी करने गई थी। वहां रहते हुए नाजमा की बड़ी बेटी नगमा के संबंध सतपाल से बन गए थे, जिसके बाद दोनों एक साथ रहने लगे थे। नाजमा व उसके परिजन सतपाल के दूसरे वर्ग से और नगमा से दोगुनी उम्र के कारण इन संबंधों का विरोध करते थे।
इसी क्रम में नगमा के प्रेम संबंध भी अपने नजदीकी रिश्तेदार आसिफ के साथ हो गए थे, जिसके बाद वह भी सतपाल से दूरी बनाने लगी थी। एसएसआई ने बताया कि इसके चलते आरोपियों ने सतपाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
करीब डेढ़ माह पूर्व उसे बहाने से मुजफ्फरनगर ले आए। यहां लाने के बाद आरोपियों ने उसकी हत्या कर शव को मिमलाना रोड स्थित खेत में फेंक दिया, जिसका लावारिस में अंतिम संस्कार किया गया था।
उधर, करीब डेढ़ माह बाद भी पिता के नहीं लौटने पर उसका बेटा मुजफ्फरनगर आया, जहां उसे किसी माध्यम से पिता की हत्या की जानकारी मिली, जिसके बाद उसने शव की अंगूठी व कपड़े पहचानकर उसकी पहचान कर आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी।