रसूलपुर विस्फोट में घायल महिला की हालत गंभीर
फलावदा। रसूलपुर गांव में विस्फोट से कई मकान ध्वस्त हो गए थे। तेज धमाके से पास के मकानों की दीवारों में भी दरारें आ गई थी। ध्वस्त हुए मकानों का मलबा अभी तक उठाया नहीं जा सका है। वहीं हादसे में मारे गए निसार की पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों ने उसे फिर से दिल्ली में भर्ती कराया।
रसूलपुर में 17 नवंबर की शाम एक मकान में विस्फोट होने से चार मकान ध्वस्त हो गए थे। आसपास के कई मकानों में दरारें आ गई थीं। मलबे में दबने से निसार, शायान तथा फैसल की मौत हो गई थी, जबकि 15 लोग घायल हो गए थे। निसार की पत्नी शाहेदा को मोदीपुरम के बाद दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने दो दिन पूर्व दिल्ली से डिस्चार्ज कराकर महिला का गांव गंगदासपुर में उपचार कराया गया, लेकिन आराम नहीं मिला। परिजनों ने बृहस्पतिवार देर शाम शाहेदा को फिर से दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहीं मकानों को अभी तक दुरुस्त करने का काम शुरू नहीं कराया गया है। जिसके चलते हादसा होने की संभावना बनी हुई है। वहीं ध्वस्त हुए मकानों का मलबा हटाने की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। लोगों ने बताया कि अभी भी काफी सामान मलबे के नीचे दबा हुआ है। जब तक मलबा नहीं हटाया जाएगा, तब तक सामान नहीं निकाला जा सकता। वहीं दो सिपाही घटनास्थल पर तैनात है।
राष्ट्रीय लोकदल के नेता आईजी से मिले
फलावदा। राष्ट्रीय लोकदल का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को आईजी प्रवीण कुमार से मिला। प्रतिनिधि मंडल में शामिल पूर्व मंत्री डॉ. मेराजुद्दीन, नरेंद्र खजूरी ने रसूलपुर धमाके के पीड़ितों की मदद की मांग करते हुए ध्वस्त हुए मकानों का मुआवजे की मांग उठाई। कहा कि घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर हो और पांच लाख का मुआवजा दिया जाए। रालोद नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच की भी मांग की।
परिजनों से की मुलाकात
फलावदा। जमीयत उलेमा हिंद के जनरल सेक्रेटरी मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने गांव रसूलपुर पहुंचकर विस्फोट में मारे गए तथा घायलों के परिजनों से मुलाकात की। मौलाना ने कहा कि जमींदोज हुए मकानों को बनवाने तथा घायलों को मदद कराई जाएगी। उनके साथ अमीर आजम जमीअत उलमा हिंद मेरठ के जिला अध्यक्ष, मौलाना अफजल, हाफिज आतिफ, हाफिज आरिफ मौजूद रहे।