जिला महिला चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर अनीता जोशी का कहना है कि महिला को कोई गलतफहमी हुई है। महिला ने बच्चे की आहार नाल देख ली होगी और उसे लड़का समझ लिया होगा। इस महिला के लड़की पैदा होने तक सभी के लड़की ही हुई थी। इसके बाद ही दूसरी महिला के लड़का पैदा हुआ था। डाक्टर अनीता जोशी का कहना है कि ऐसा कोई मामला नहीं है। उन्होंने सुबह जाकर इस मामले में पूछताछ की। महिला से भी पूछताछ की थी और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की थी। लेकिन सभी यही बता रहे थे कि उन्होंने इसके पास लड़की ही देखी है। इस मामले में चिकित्साधीक्षक डाक्टर अनीता जोशी का कहना है कि डीएनए टेस्ट के लिए कहा गया था। लेकिन उसके लिए महीनों इंतजार करना पड़ेगा। इसलिए मना कर दिया जाएगा।
रजिस्टर में ही नजर आ गया गोलमाल
महिला अस्पताल में भर्ती होने के लिए रखे गए रजिस्टर में भी गड़बड़ी कर दी गई। महिला के कार्ड पर 2127 नंबर पर भर्ती किया गया था। लेकिन उसका नाम दर्ज किया गया 2130 नंबर पर उसका भर्ती समय 8.36 बजे लिखा गया, जबकि 2127 नंबर पर भर्ती महिला का समय काटकर 8.48 बजे कर दिया गया। जबकि वह पहले ही भर्ती हो चुकी थी और उसकी डिलीवरी भी पहले ही हो गई थी। राधिका की डिलीवरी उसके 15 मिनट बाद हुई थी। गेंदालाल ने आरोप लगाया है कि उस महिला से ही उसका बच्चा बदल दिया गया। उसने मांग की थी कि उनका डीएनए टेस्ट कराया जाए। लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों और चिकित्सकों ने इंकार कर दिया।
पहले भी लगे हैं बच्चे बदले जाने के आरोप
जिला अस्पताल में बच्चों के बदले जाने का आरोप पहली बार नहीं लग रहा हैं। पिछले वर्ष भी बिहार की एक महिला ने बच्चे बदले जाने का आरोप लगाया था। सहारनपुर की ही एक महिला ने भी अस्पताल के स्टाफ पर उनका बच्चो बदले जाने का आरोप लगाया था। उसने बच्चा बेच दिए जाने का आरोप लगाया था। जिसकी आज तक जांच नहीं हो सकी है।
एक महिला का बच्चा ही गायब कर दिया
अक्तूबर में एक महिला के बच्चे को अस्पताल की ही एक नर्स पर उठाकर ले जाने का आरोप लगाया था। लेकिन अस्पताल कर्मचारियों ने ऐसी किसी नर्स के अस्पताल में होने से इंकार कर दिया था। आज तक उस महिला का बच्चा नहीं मिल सका।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/