गंगानगर (मेरठ)। रक्षापुरम स्थित एप्सनोवा हॉस्पिटल में सोमवार को हार्ट में स्टेंट डालने के 10 मिनट बाद आए अटैक से अंजू रस्तोगी (54) की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत किया।
कसेरूखेड़ा निवासी अंजू रस्तोगी को घर में 23 जुलाई को हार्ट अटैक आया। बेटे शिवा और शरद ने उन्हें सीपीआर दिए और तुरंत रक्षापुरम स्थित एप्सनोवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां दो दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया। सोमवार को जांच के बाद सर्जन डॉ. सायर अहमद पंडित ने ऑपरेशन कर स्टेंट डाला। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के 10 मिनट के बाद ही अंजू की मौत हो गई। यह देख परिजनों ने हंगामा कर दिया।
हंगामा देख हॉस्पिटल प्रशासन ने पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत किया। अंत में परिजन बिना पोस्टमार्टम कार्रवाई के शव को अपने साथ ले गए। कार्डियो सर्जन डॉ. सायर अहमद पंडित ने बताया घर पर ही मरीज को मेजर अटैक आया था, उनके बेटे ने सीपीआर देने की बात हॉस्पिटल में बताई थी। अब तीन दिनों से स्थिति में सुधार होने के बाद ऑपरेशन किया गया। परिजनों को स्थिति के बारे में पहले ही बताया गया था। स्टेंट डालने के कुछ देर बाद ही दूसरा अटैक आया। उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखा गया। परंतु उनकी मौत हो गई। सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने बताया कि हंगामे की सूचना पर पुलिस अस्पताल गई थी। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी।