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विश्व पर्यावरण दिवस: बिन रखवाली..., अधूरी रह गई हरियाली, दो साल में सूख गए 9.40 लाख पौधे

Mon, 05 Jun 2023 09:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो ऋषपाल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ

सार

वन विभाग द्वारा लगाए गए तकरीबन 9 लाख पौधे बिना पानी के सूख चुके हैं।
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सूखे पड़े पौधे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे रोपकर हरियाली लाने की शासन की मंशा पर विभागों ने ही पानी फेर दिया। पिछले दो सालों में जिले में लगाए गए 49 लाख पौधों में से 9.40 लाख पौधे अनदेखी की भेंट चढ़ गए। वन विभाग की ओर से लगाए गए पौधे तो हरे-भरे हैं, लेकिन अन्य विभागों की तरफ से लगाए गए पौधे बिना देखरेख के सूख गए। कई जगह लगाई गई बाढ़ तक टूट गई। अब देखना है कि सोमवार (5 जून) को विश्व पर्यावरण दिवस पर 26 विभागों को दिए गए 27 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य कितना कारगर होगा।
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विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर देशभर में पौधरोपण किया जाता है। वर्ष 2021 में 26 विभागों को करीब 24 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। जो पौधे लगाए गए उनमें से करीब 2.40 लाख पौधे नष्ट हो गए। वर्ष 2022 में विभागों की ओर से पौधरोपण अभियान के दौरान करीब 25 लाख पौधे रोपे गए। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इन पौधों में से 7 लाख पौधे नष्ट हो गए। इस तर से पिछले दो सालों में कुल 9.40 लाख पौधे पूरी तरह से नष्ट हो गए। सूत्रों के अनुसार विभागों की लापरवाही के कारण पौधे पनप नहीं पाते। पौधों की न तो देखरेख ठीक से हो पाती है न ही सुरक्षा। इसके चलते करीब 30 फीसदी पौधे बर्बाद हो जाते हैं। 

जागृति विहार एक्सटेंशन में सूख गए पौधे, टूटी पड़ी गार्डिंग
आवास विकास परिषद की जागृति विहार एक्सटेंशन में पौधरोपण अभियान के दौरान पौधे रोपे गए थे, लेकिन यहां सैकड़ाें की संख्या में पौधे सूखे पड़े हैं। वर्ष 22 में आवास विकास की ओर से करीब 9 हजार पौधे विभिन्न जगहों पर रोपे गए थे। विभाग की ओर से 90 प्रतिशत पौधे जीवित रहने के दावे किए गए, लेकिन सूखे पौधों को देखकर ऐसा नहीं लगता। पौधों की गार्डिंग भी टूटी पड़ी है। विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

वन विभाग की ओर से लगाए गए पौधों में 95 फीसदी जीवित
पिछले वर्ष वन विभाग की ओर से करीब 5 लाख पौधे रोपे गए। विभाग का दावा है कि उनके पौधों में 95 प्रतिशत से अधिक पौधे जीवित रहे। विभाग की ओर से कलीना ग्राम समाज, खिवाई ग्राम समाज, परतापुर समेत कई जगहों पर पौधरोपण किया गया। यहां पौधे काफी अच्छी स्थिति में हैं। विभाग की ओर से यहां काफी संख्या में औषधीय पौधे भी लगाए गए हैं जो विकसित हो रहे हैं।

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पर्यावरण दिवस पर मिशन लाइफ मानकर करें कार्य : गिरीश शुक्ला
पर्यावरण विद व जागरूक नागरिक एसोसिएशन के महासचिव गिरीश शुक्ला ने कहा कि इस बार अपने देश में पर्यावरण दिवस का मूलमंत्र है प्रकृति के अनुकूल जीवन जीने की कला। मिशन लाइफ मानकर सभी कार्य किए जाएंगे। पर्यावरण दिवस का मूल मंत्र रिड्यूस, रियूज व रिसाइकल को मिशन लाइफ बनाना है। मिशन का मकसद सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और कार्बन फुटप्रिंट को कम करना है। यह मिशन हमे अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके पर्यावरण की रक्षा करने के लिए प्ररित करता है।

वर्ष 2023 का पौधरोपण लक्ष्य
विभाग लक्ष्य
पर्यावरण 108878
ग्राम्य विकास 1439900
औद्याेगिक विकास 8162
नगर विकास 109032
आवास विकास 10164
जल शक्ति 17864
ऊर्जा विभाग 11088
गृह पुलिस 10164
लोक निर्माण 17864
रेशम 38511
कृषि 276672
पशुपालन 13860
सहकारिता 6622
उद्योग 12320
शिक्षा विभाग 37400
प्राविधिक शिक्षा 9240
श्रम विभाग 3234
स्वास्थ्य 21098
परिवहन 3234
रेलवे 44198
रक्षा 10010
उद्यान 180017
राजस्व 162316
पंचायती राज 162316
कुल 2714164
 
सत्यापन में 2022 में 70 फीसदी पौधे ही पनप सके। इस बार ज्यादा से ज्यादा पौधों को सुरक्षित रखने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए विभागों को भी जागरुक किया जाएगा। सोमवार को पर्यावरण दिवस के मौके पर इस बार भी पौधरोपण का लक्ष्य भी विभागों को दिया गया है। -राजेश कुमार, डीएफओ मेरठ
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