मकर संक्रांति के दिन सर्दी ने सीजन की पहली ठंड का अहसास करा दिया। तेज हवा ने लोगों कंपकंपी छुड़ा दी। दिनभर लोग अलाव के सामने नजर आए। सूर्य देव के दर्शन न होने से दिन का पारा पांच डिग्री गिर गया, वहीं रात के तापमान में भी तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। बढ़ती ठंड से गेहूं के किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
जनवरी में अभी भी मौसम में उथल-पुथल चल रही है। कभी सुबह को कोहरा तो कभी दिन में मौसम का मिजाज गरम हो रहा है। जनवरी के प्रथम सप्ताह में अक्सर कड़ाके की सर्दी पड़ती थी, लेकिन इस बार मौसम गर्म रहा। दिन और रात का तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा था। पिछले दो दिनों से फिर से मौसम में बदलाव दिखाई दिया। आसमान पर छाए बदलों व सर्द हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी है। शुक्रवार को भी सुबह से ही सर्द हवा की गति तेज हो गई। सुबह से शाम तक हवा 4 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली।
दिन भर सूरज बादलों में छिपा रहा। शाम होते ही सर्दी और भी तेज हो गई। मौसम कार्यालय पर शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 14.7 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता अधिकतम 90 व न्यूनतम 70 प्रतिशत दर्ज की गई। एक दिन पहले की अपेक्षा दिन के तापमान में 5 डिग्री की गिरावट आई है। रात के तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम प्रभारी डॉ. ब्रजमोहन ने बताया कि अगले दो-तीन दिन तक मौसम ऐसा ही रहेगा। गेहूं और दलहन की फसलों के लिए यह ठंड काफी अच्छी है।