जिले में मदरसों के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खेल चल रहा है। प्रदेश में योगी सरकार का गठन हुए दस माह चुके हैं। सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदरसों के ऑनलाइन पंजीकरण के निर्देश दिए थे। इसके लिए बार-बार तिथि बढ़ाई गई। लेकिन जनपद में 129 मदरसा संचालकों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। पहले चरण की कार्रवाई में जिला अल्पसंख्यक विभाग ने 29 मदरसों को नोटिस भेजे थे। इनमें से 12 ने ही जवाब दिया था। अब 100 मदरसों को नोटिस जारी किए गए हैं। लेकिन किसी मदरसा संचालक की ओर से जवाब नहीं दिया गया। विभागीय सूत्रों की माने तो यह 100 मदरसे सिर्फ कागजों में चल रहे हैं। सरकार के निर्देशानुसार इन मदरसों की मान्यता रद्द की जाएगी।
मुकदमा कायम कराएगा विभाग
मदरसों के नाम पर फर्जीवाड़ा कर सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाले लोगों के खिलाफ जल्द जिला अल्पसंख्यक विभाग की ओर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। रिकवरी के लिए भी मदरसा संचालकों को नोटिस भेजे जाएंगे। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि जांच के बाद संबंधित थाने में एफआईआर होगी।
एक व्यक्ति के नाम पर चल रहे कई मदरसे
विभागीय सूत्रों की माने तो मदरसों में फर्जीवाड़े का खेल काफी समय से चल रहा था। थजिले में एक व्यक्ति के नाम कई मदरसे चल रहे हैं। कुछ लकोग इसकी शिकायत भी विभाग को कर चुके हैं। सूत्रों बताते हैं कि इनमें से ज्यादातर मदरसे कागजों में चल रहे हैं। अस्तित्व में कहीं भी कोई मदरसा नहीं है। विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
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