वर्ष 2022 तक मेरठ में हर सिर पर अपनी छत हो, इसके लिए एमडीए ने हुडको अधिकारियों को पत्र लिखा है। एमडीए और हुडको यह तय कर चुके हैं कि इस प्लान पर काम होगा। इधर, एमडीए के पास पहले भी इस कैटेगरी के आवास हैं। ऐेसे में एमडीए अधिकारियों ने पत्र लिखकर कहा है कि उनके आवासों को इस प्लान में शामिल करते हुए कार्ययोजना का विस्तार किया जाए।
यह है योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्र सरकार ने कहा है कि वर्ष 2022 तक देश में दो करोड़ आवास बनाए जाएंगे। इरादा यह है कि सभी के घर का सपना साकार हो। यहां तीस तथा साठ वर्ग मीटर के एलआईजी आवास बनाए जाने की योजना है, वह भी छूट के साथ। दुर्बल आय वर्ग के लिए विशेष रूप से इस प्लान पर अमल होगा।
हो चुकी है बैठक
मेरठ में इस प्लान पर काम शुरू हो चुका है। एक माह पूर्व हुडको के कार्यकारी निदेशक डॉ. एचएस गिल तथा एमडीए सचिव कुमार विनीत, चीफ इंजीनियर एससी मिश्रा आदि के साथ विस्तार से इस प्लान पर चर्चा हुई और काम शुरू करने की बात कही गई। कहा गया कि मेरठ में कितने आवास चाहिए, इस पर सर्वे होना चाहिए।
इन्हें मिलेगा आवास
तीन लाख रुपये अधिकतम सालाना कमाने वालों को ये आवास आवंटित किए जाएंगे। तीस वर्ग मीटर के आवास पर अधिकतम आय तीन लाख तथा 60 वर्ग मीटर के आवास पर अधिकतम आय छह लाख रुपये सालाना होनी चाहिए। ऋण हुडको देगा। एमडीए ये आवास तैयार करेगा और आवंटन करेगा।
एमडीए ने बात आगे बढ़ाई
एमडीए ने इस बाबत प्रस्ताव पर आगे काम शुरू कर दिया है। एमडीए ने अपनी कुछ फ्लैटों की सूची भेजी है। साथ ही बताया है कि उसके पास इस कैटेगरी के काफी आवास है। कुछ तैयार किए जा रहे हैं। पांच सौ से ज्यादा आवास बन जाएंगे। ऐसे में इस प्लान पर जल्द ही काम शुरू कराया जा सकता है।
कोट
इस प्लान पर हुडकोे के साथ मिलकर काम होगा। अपने फ्लैट के बारे में जानकारी देते हुए हमने हुडको से संपर्क किया है। जल्द ही वहां से जवाब आने पर योजना को विस्तार दे दिया जाएगा।- कुमार विनीत, कार्यवाहक वीसी एमडीए