ई-पंजीकरण के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं के धरने पर पहुंचकर विधायक अतुल प्रधान ने दिया भरोसा
0संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। तहसील परिसर स्थित उप-पंजीयक कार्यालय के बाहर ई-पंजीकरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में चल रहे अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों के अनिश्चितकालीन धरने को मंगलवार को सपा विधायक अतुल प्रधान का समर्थन मिला। विधायक ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों को जायज बताते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
धरने के दौरान अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने विधायक को ज्ञापन सौंपकर ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी संस्था को सौंपने के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि नई व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही आम लोगों को भी रजिस्ट्री संबंधी कार्यों में विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की समस्याएं गंभीर हैं और उनके हितों की रक्षा के लिए वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इसका समाधान कराने का प्रयास करेंगे। धरने में बार एसोसिएशन सरधना के अध्यक्ष एडवोकेट आरिफ अली, महामंत्री संजीव पंवार, मोहम्मददीन, नितिन चांदना ने अपने विचार व्यक्त किए। दस्तावेज लेखक एसोसिएशन सरधना के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सचिव छोटेलाल जैन, रामप्रसाद, राजकमल, प्रदीप त्यागी, राजेंद्र सैनी, संजय शर्मा, कैलाश पाल और सुरेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक भी धरने में मौजूद रहे।