मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय एवं क्रीड़ा भारती के संयुक्त तत्वावधान में 15 से 21 जून तक सात दिवसीय 12वां योग शिविर लगाया जा रहा है। इस वर्ष योग शिविर की विशेषता यह है कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक साथ एक ही वेशभूषा में सूर्य नमस्कार कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया जाएगा। यह आयोजन विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ महाविद्यालयों और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी से संपन्न होगा। इस बार भी योग गुरु स्वामी कर्मवीर महाराज का सानिध्य प्राप्त होगा।
इस संंबंध में हुई वार्ता में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि इस ऐतिहासिक प्रयास को सफल बनाने के लिए सभी महाविद्यालयों को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 21 जून को सुबह सात बजे विश्वविद्यालय एवं सभी संबद्ध महाविद्यालयों में एक साथ सूर्य नमस्कार कराया जाएगा। प्रतिभागियों की संख्या का जियो-टैग फोटोग्राफ एवं वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से प्रामाणिक दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
वन अर्थ वन हेल्थ रहेगी थीम
योग दिवस पर सबसे पहले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के सीधे प्रसारण को देखा जाएगा। इसके उपरांत आयुष मंत्रालय की ओर से जारी प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास कराया जाएगा। योग प्रोटोकॉल के बाद राज्यपाल एवं कुलाधिपति का संदेश ऑडियो-वीडियो माध्यम से प्रसारित किया जाएगा। एक साथ सूर्य नमस्कार योग मुद्रा का आयोजन कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया जाएगा। योग शिविर में प्रतिदिन सुबह 5 से 7 बजे तक योग सत्र होगा। शाम 4 से 6 बजे तक निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श की व्यवस्था भी की गई है। प्रतिभागियों की वेशभूषा में एकरूपता रखने और सूर्य नमस्कार अनुक्रम एक समान बनाए रखने के लिए संबंधित सामग्री पहले से उपलब्ध कराई जा रही है।
कुलपति ने सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों से कहा कि वे अपने शिक्षण संस्थानों, परिवारजनों और समाज के लोगों को इस महाअभियान में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। इस आयोजन को पारदर्शी तरीके से पूरा कर भारत सरकार को निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय परिसर में योग वाटिका, ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी, संगोष्ठियां एवं वैज्ञानिक शोध लेखन कार्य भी कराए जाएंगे।
योग सप्ताह के तहत पर्यटन स्थलों पर होगा अभ्यास
योग सप्ताह के तहत विश्वविद्यालय की ओर से मेरठ के 1857 के क्रांति स्थल औघड़नाथ मंदिर, गंगा के पवित्र तट ब्रजघाट, ऐतिहासिक एवं पौराणिक नगरी हस्तिनापुर सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर भी योग अभ्यास कराया जाएगा।
-
बड़े आयोजन में यह होगा खास...
- विरासत से विकास : योग की भूमिका विषय पर परिचर्चा होगी। विशेषज्ञ योग के प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विकास में इसकी भूमिका पर प्रकाश डालेंगे।
- एक साथ योग : एक ही दिन में कम से कम 51000 प्रतिभागी एक साथ योगाभ्यास करेंगे। यह एकता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनेगा।
- योग वाटिका (पार्क) : प्रकृति और शांति के संदेश के साथ मनमोहक योग पार्क विकसित किया जाएगा। यहां विद्यार्थी एवं शिक्षक शांत वातावरण में योगाभ्यास कर सकेंगे।
- चंदन वाटिका एवं तालाब : प्रकृति की गोद में विश्राम विश्वविद्यालय में सुगंधित चंदन के वृक्षों से युक्त वाटिका और एक शांत तालाब विकसित किया जाएगा, जो आकर्षक पिकनिक स्थल के रूप में योग अभ्यास एवं विश्राम करने का अवसर प्रदान करेगा।