वाइल्ड लाइफ क्राइम पर रोक लगाने के लिए वन्य जीवों से संबंधित जानकारी के प्रति कई विभागों को जागरूक किया जाएगा। लखनऊ के बाद अब मेरठ में वन विभाग वकॅशॉप कराने जा रहा है। जून में आयोजन हो सकता है। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो वर्कशॉप को वन विभाग के साथ मिलकर कर रहा है। वन्य जीव के अवशेषों की तस्करी को लेकर कई विभागों के संयुक्त रूप से काम करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
शासन ने वाइल्ड लाइफ क्राइम को कंट्रोल करने के लिए विभागों के संयुक्त रूप से काम करने और इसके प्रति जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया है। इस क्रम में लखनऊ में एक वर्कशॉप हो चुकी है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में वर्कशॉप में होने जा रही है। अहम बात यह है कि इस बीच मेरठ के सिविल लाइन इलाके में शूटर प्रशांत विश्नोई का केस सामने आ गया। प्रशांत के घर पर वन्य जीवों के अवशेष, अवैध हथियार और दो लाख कारतूस बरामद हुए। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो इस केस की जांच कर रही है। मेरठ जोन के मुख्य वन संरक्षक मुकेश कुमार का कहना है कस्टम, एक्साइज, पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी के लोगों को मिलाकर एक वकॅशॉप आयोजित की जाएगी। इसमें वाइल्ड लाइफ एक्ट के बारे में बताने के अलावा शेड्यूल एक, दो और तीन के जानवरों के बारे में बताया जाएगा। जानवर को मारना और उसके अवशेष को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना अपराध है। कोई भी इनपुट मिलने पर विभाग एक-दूसरे को सूचित करें।