फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरसात के मौसम में क्यों जहरीली हो जाती है बूढ़ी गंगा

विज्ञापन
जनपद मुजफ्फरनगर से मेरठ की सीमा में आता हुआ रासायनिक पानी स्रोत संवाद - फोटो : संवाद
विज्ञापन
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव के समीप से होकर गुजरने वाली प्राचीन बूढ़ी गंगा नदी आखिर बरसात में ही क्यों जहरीली होती है। सर्दियों में इसके स्वच्छ पानी की सुंदरता अपनी ओर आकर्षित करती है।
विज्ञापन

खादर क्षेत्र के किसान साहब सिंह, नायब सिंह, गुरमीत, कुलदीप सिंह, प्रवीण आदि ने बताया कि बिजनौर बैराज के समीप से बूढ़ी गंगा की धारा शुरू होती हैं। इसका आकार हजारों हेक्टेयर में है। परंतु नंगली खादर गांव के समीप यह सोती नदी में परिवर्तित हो जाती है। इसका पानी इतना स्वच्छ आता है कि इसके पानी में जलीय जीव भी साफ नजर आते हैं, परंतु जैसे ही बरसात शुरू होती है तो इसमें जहरीला पानी आने लगता है। बरसात के कारण यह ओवरफ्लो हो जाती है। इसमें आने वाला केमिकल युक्त पानी किसानों की फसलों को नष्ट कर रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उनके लाखों रुपये की फसल नष्ट हो चुकी है।
खाता गांव निवासी ब्रह्मपाल ने बताया कि उनका गांव सोती नदी के किनारे स्थित है। बरसात के मौसम में केमिकल युक्त पानी से इतनी बदबू आती है कि घरों में रहना भी मुश्किल हो जाता है। पहले वह इसी स्रोत में अपने पशुओं को पानी पिलाया करते थे और उन्हें नहलाया भी करते थे, परंतु आज इस रासायनिक पानी के पास खड़ा होना भी संभव नहीं है। मामला दो जनपदों से जुड़ा होने के कारण अधिकारी अपना पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन



सैंपल लेने नहीं आया मेरठ का प्रदूषण विभाग
पिछले तीन दिनों से लगातार शिकायत के बावजूद मेरठ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के किसी भी अधिकारी ने यहां पर आकर पानी की जांच करना मुनासिब नहीं समझा। स्थानीय लोगों ने कहा कि बूढ़ी गंगा नदी प्रदूषित किए जाने में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मिलीभगत है। ग्रामीणों ने कहा कि अफसर मेरठ से बैठे-बैठे ही पानी की जांच कर रहे हैं। इसमें बहने वाले पानी स्वच्छ बता रहे हैं।


पांच दिन बाद आएगी पानी के सैंपल की रिपोर्ट
इंडस्ट्रियल एरिया के आसपास जो सैंपल मंगलवार को लिए गए थे, उनकी जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन का समय लगेगा। उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
-जितेश चंद्र, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुजफ्फरनगर


स्थानीय मंत्री, फिर भी गंगा हो रही प्रदूषित
इस मामले की शिकायत स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से की है। मामले को एनजीटी में भी उठाएंगे। अधिकारियों की सेटिंग से यह खेल हो रहा है। हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं राज्य मंत्री हैं। इसके बावजूद हस्तिनापुर में गंगा प्रदूषित हो रही है। यह एक बड़ा गंभीर विषय है। -आकाश गुर्जर, समाजसेवी

मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
खादर क्षेत्र के लोगों के लिए यह एक गंभीर विषय है। बाढ़ के बाद अब केमिकलयुक्त पानी फसल बर्बाद कर रहा है। जानकारी के बावजूद अधिकारियों द्वारा इस पर संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे। -गोपाल काली, पूर्व विधायक
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें