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नागरिकता संसोधन कानून: जिन्हें मिल रही सारी सुविधा, उन्हें कैसी नागरिकता

Sat, 18 Jan 2020 01:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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CAA Protest - फोटो : अमर उजाला
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सीएए को लेकर तमाम विरोध और समर्थन के बीच भाजपाइयों का जो अभियान चल रहा है उसे लेकर विपक्षी दलों के साथ भाजपाइयों में चर्चा होने लगी है। क्योंकि सीएए को लेकर पैदा हुए भ्रम को दूर करने के लिए जो अभियान चलाया जा रहा है वह उस वर्ग विशेष के बीच चल रहा है जो सीएए का समर्थक है।
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यही नहीं खादर क्षेत्र की बंगाली बस्ती में हुई जनसभा पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि जिन बंगाली परिवारों को नागरिकता देने का दावा भाजपाइयों ने किया वह कई दशक से तमाम सरकारी प्रमाण पत्र प्राप्त करने के साथ सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।

रामराज से लेकर परीक्षितगढ़ खादर क्षेत्र में बड़ी संख्या में बंगाली रहते हैं। इनकी संख्या लगभग 20 हजार है। इनमें कुछ परिवार बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए हैं तो बड़ी संख्या में बंगाल से। ये सभी बांग्लादेशी हिंदू हैं।

इस समय ये खादर क्षेत्र में मजदूरी, खेती के साथ व्यापार आदि से जुड़े हैं तो नौकरी भी कर रहे हैं। ये बंगाली परिवार सरकारी दफ्तरों से आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर रहे हैं।

सरकारी योजनाओं का ले रहे लाभ
सरकार की जो भी योजनाएं गरीबों के लिए आती है ये बंगाली परिवार उन सभी का लाभ लेते हैं। इसमें आवास योजना, उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना आदि सभी का लाभ ये परिवार उठा रहे हैं। आज अधिकांश के पास पक्के मकान, बैंकों में खाते हैं।

यही नहीं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी ये लोग ग्राम पंचायत सदस्य से लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य तक का चुनाव लड़ते हैं। इसके अलावा अब इनके बच्चे विदेशों में भी नौकरी कर रहे हैं, जिसके लिए पासपोर्ट भी बनवाए हुए हैं।
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भाजपाइयों के दावे पर उठ रहे सवाल
13 जनवरी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की परीक्षितगढ़ खादर क्षेत्र के गांव शिवनगर में जनसभा हुई थी। इसमें विशेष रूप से खादर क्षेत्र में रहने वाले बंगाली परिवारों के साथ ही बंटवारे के बाद पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए सिख परिवाराें को बुलाया गया था।

यहां पर भाजपा द्वारा इन बंगाली परिवारों को नागरिकता देने का दावा किया गया। लेकिन अब सवाल ये उठ रहा है कि जब इन लोगों को पहले से ही तमाम सरकारी सुविधाएं मिल रही हैं और ये चुनाव तक में प्रतिभाग कर रहे हैं। तो इनको अब कौन सी नागरिकता दी जाएगी।
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