संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस पर कथा पंडाल में भक्ति और श्रद्धा का अनुपम संगम देखने को मिला। आचार्य शांतनु महाराज ने प्रवचनों में कहा कि जब-जब इस धरा पर असुरों के अत्याचार बढ़ते हैं तब-तब प्रभु अवतार लेकर भक्तों को उनके संताप से मुक्त करते हैं।
महाराज ने कहा कि भगवान की सगुण लीलाओं को तर्क से नहीं बल्कि भक्ति और अटूट विश्वास से सुनना चाहिए। तर्क का स्थान वहां नहीं जहां आस्था का प्रकाश स्वयं मार्गदर्शन करता हो। उन्होंने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि प्रभु के अवतार के अनेक दिव्य कारण हैं। देवताओं की करुण पुकार सुनकर भगवान ने आश्वासन दिया कि वह नर रूप में धरती पर अवतरित होंगे। यह सुनकर देवगणों में हर्ष की लहर दौड़ गई और संपूर्ण अयोध्या प्रभु आगमन की प्रतीक्षा में राममय हो उठी।
गोस्वामी द्वारा वर्णित अयोध्या की महिमा का भावपूर्ण गायन करते हुए महाराज ने प्रभु श्रीराम की जन्म की तिथि का वर्णन किया। कथा के इस प्रसंग पर पंडाल श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रीराम कथा के मुख्य यजमान भाजपा जिला उपाध्यक्ष आशीष प्रताप सिंह रहे। कथा सुनने के लिए भीड़ उमड़ी। इस दौरान पर नितिन शर्मा, अमित, राजेश, बबलू, जयवीर, अनुराग, रविंद्र आदि मौजूद रहे।
दौराला - श्री राम कथा सुनने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। स्रोत : आयोजक
दौराला - श्री राम कथा सुनने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। स्रोत : आयोजक
दौराला - श्री राम कथा सुनने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। स्रोत : आयोजक