मेरठ। गुरुनानक देव जी नवमं ज्योति, भारतीय संस्कृति के रक्षक गुरु तेग बहादुर जी का 399 वां प्रकाश पर्व लॉकडाउन के कारण सिख समुदाय ने घरों में मनाया। गुरुद्वारों में आयोजन नहीं हुआ। विभिन्न गुरुद्वारों में ग्रंथी ने गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश पर अरदास की। सोमवार को गुरुद्वारों और घरों में बैसाखी पर्व मनाया जाएगा। वहीं, निशान साहिब चढ़ाया जाएगा तो घरों में पाठ होंगे। हालांकि संगत को गुरुद्वारों में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में ग्रंथी ज्ञानी चरण प्रीत सिंह, रागी भाई प्रीतम सिंह ने मर्यादा अनुसार गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया। सभी के भले के लिए अरदास की गई। सभा उपाध्यक्ष सरदार रणजीत सिंह जस्सल ने सभी को पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का भारतवर्ष सदैव ऋण रहेगा। गुुरु जी ने भारतीय संस्कृति की रक्षा हेतु दिल्ली चांदनी चौक स्थित गुरु शीशगंज साहिब में शीश बलिदान कर दिया। सरदार जस्सल सिंह ने बताया कि अगले वर्ष गुरु जी का 400वां प्रकाश पर्व अति उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। ग्रंथी चरणप्रीत सिंह ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी का बाल्यकाल से ही त्याग रूपी स्वभाव था। अध्यक्ष सरदार रणजीत सिंह नंदा, महासचिव सरदार हरप्रीत सिंह, सचिव जसबीर सिंह खालसा ने बताया कि सोमवार को बैसाखी पर अखंड पाठ की संपूर्णता होगी। साथ ही गुरुद्वारे में निशान साहिब चढ़ाया जाएगा।