कैंट इलाके में अवैध निर्माण की समस्या जस की तस है। पिछले 10 महीने में अवैध निर्माण पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। इस बीच अवैध निर्माण होने के मामले सामने आते रहे हैं। नोटिस अवधि का लाभ उठाकर लोग नियम तोड़ रहे हैं। सख्ती नहीं होने की वजह से अवैध निर्माण पर रोकथाम नहीं लग रही। बोर्ड का कहना है फोर्स नहीं मिलने की वजह से वह सख्त कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
गौरतलब है कि गत जुलाई में बंगला नंबर 210 बी पर अवैध निर्माण पर बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माण ढहाया गया था। दुर्भाग्य की बात यह रही थी कि मलबे में दबने से चार लोगों की मौत हो गई थी। तब से अब तक बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच बोर्ड ने अवैध निर्माण चिह्नित किए। अपने स्तर से कुछ पर कार्रवाई भी की। सील लगाई गई और कुछ निर्माण कार्य के पिलर तोड़े गए। लेकिन अभियान के रूप में बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।
चुनाव से पहले बोर्ड ने डीएम को फोर्स मांगने के लिए पत्र लिखा था। फोर्स नहीं मिली। फिर चुनाव आ गए। कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। अब चुनाव के बाद फिर डीएम से फोर्स मांगने के लिए पत्र लिखा गया। अभी तक अभियान की रूपरेखा तय नहीं हुई है। इस बीच कैंट की बोर्ड बैठक में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की बात कई बार कही गई। सीईओ राजीव श्रीवास्तव का कहना है जब फोर्स मिल जाएगी, वह अभियान चलाने को तैयार हैं। जिन्होंने अवैध निर्माण किया है, उन पर एक्शन होगा। देर हो सकती है लेकिन कार्रवाई जरूर होगी।