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Meerut News: तेज हवा व तापमान बढ़ने से गेहूं पर संकट

Fri, 14 Feb 2025 12:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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नगीना/बिजनौर। तेज हवा और तापमान में उतार-चढ़ाव से गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। फरवरी माह में 24 डिग्री के पार होने वाला तापमान से गेहूं के उत्पादन पर संकट है। करीब 29 किलोमीटर गति से चलने वाली हवा से गेहूं की फसल गिर रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे तापमान में पौधे की ग्रोथ थम जाएगी, दाना पतला होने से उत्पादन भी कम होगा।
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जनपद में इस बार एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा गेहूं का क्षेत्रफल है। इस बार मौसम गेहूं की फसल के लिए अनुकूल नहीं हो रहा है। फरवरी माह में लगातार तापमान में हो रही वृद्धि और पछुआ हवा चलने से किसान गेहूं की फसल को लेकर चिंतित हैं। बढ़ता तापमान व तेज हवा गेहूं की फसल के लिए अच्छा नहीं बताया जा रहा है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. केके सिंह का कहना है कि तेज हवा चलने से सिंचाई वाले अगेती गेहूं की फसल गिर रही है। तेज हवा के समय किसान गेहूं फसल की सिंचाई न करें। वैसे जनपद में अधिकांश गेहूं की फसल गिरने की स्थिति वाली नहीं है। गेहूं गिरने से उत्पादन पर बहुत प्रभाव पड़ता है।
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n अगेती गेहूं में बालियां आनी हुईं शुरू : प्रगतिशील किसान जगजीत सिंह, वीरेंद्र सिंह, रामपाल सिंह, धर्मेंद्र सिंह आदि का कहना है कि अगेती बुवाई वाले गेहूं की बालियां आने लगी हैं। उनकी सिंचाई भी हो रही है। पानी भरने वाले खेतों के गेहूं तेज हवा से गिर गए। हवा को देखते हुए वह सिंचाई नहीं कर रहे हैं।
n बढ़ते हुए तापमान से गेहूं की फसल का बचाव : वैज्ञानिकों का कहना है कि रात व दिन का तापमान मिलाकर औसत 22 डिग्री सेल्सियस गेहूं की पैदावार के लिए उत्तम माना गया है। बढ़े हुए उच्च तापमान से बचने के लिए किसान गेहूं की हल्की सिंचाई करें। जब तेज हवा चल रही हो तो सिंचाई रोक दें। अन्यथा फसल के गिरने से नुकसान हो सकता है।
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