मेरठ। शहर की मुख्य सड़कों पर खुलेआम दुकानों पर मीट की बिक्री हो रही है और पुलिस सब कुछ देखकर भी अंजान बनी है। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाल ही में दौरे पर आने वाले हैं। हालांकि मुख्यमंत्री बनते ही योगी ने खुले में मीट की बिक्री न होने के आदेश दिए थे। कुछ दिन तो पुलिस ने सख्ती से इस ओर कार्रवाई की, लेकिन अब फिर से पहले जैसा हाल है।
मार्च में सीएम के आदेश के बाद पूर्व एसएसपी जे. रविंदर गौड़ पूरे अमले के साथ सड़क पर उतरे तो दो दिन में अवैध मीट की दुकानें बंद हो र्गइं। इसके बाद मानक पूरा करने वाली ही दुकानें खुलीं और उन पर चटाई या पर्दे लटक गए थे। लेकिन एक या दो माह ही ऐसा हुआ। वहीं नगर निगम के अधिकारी कह चुके हैं कि शहर में ज्यादातर मीट की दुकानें अवैध हैं, जिनके पास लाइसेंस नहीं है। ऐसे में पुलिस और खाद्य विभाग की टीम कार्रवाई करे। लेकिन अफसरों ने एक दूसरे पर मामला टालकर पल्ला ही झाड़ लिया है।
शहर से लेकर देहात तक खुले में बिक्री
सोतीगंज, ऊंचा सद्दीकनगर, घंटाघर, गोला कुआं, लिसाड़ी रोड, हापुड़ रोड, श्यमानगर रोड, लक्खीपुरा, गढ़ रोड, जाकिर कालोनी और मवाना रोड पर गंगानगर में सड़क किनारे ही दुकानों में कटान के बाद मीट बेचा जा रहा है। इन स्थानों पर अवैध मीट की दुकानों की संख्या 200 से अधिक है। यही हाल देहात का भी है। अब्दुल्लापुर में मेन रोड पर मीट की दुकान को लेकर एक माह पहले ही सांप्रदायिक तनाव हो गया था। बहसूमा, परीक्षितगढ़, सरधना और किठौर व अन्य स्थानों पर भी अवैध दुकानें खुली हैं।
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