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ये क्या? CM दौरे पर आने वाले और यहां खुले में बिक रहा मीट

Wed, 15 Nov 2017 01:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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अवैध मीट की दुकान और सीएम योगी
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मेरठ। शहर की मुख्य सड़कों पर खुलेआम दुकानों पर मीट की बिक्री हो रही है और पुलिस सब कुछ देखकर भी अंजान बनी है। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाल ही में दौरे पर आने वाले हैं। हालांकि मुख्यमंत्री बनते ही योगी ने खुले में मीट की बिक्री न होने के आदेश दिए थे। कुछ दिन तो पुलिस ने सख्ती से इस ओर कार्रवाई की, लेकिन अब फिर से पहले जैसा हाल है।
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मार्च में सीएम के आदेश के बाद पूर्व एसएसपी जे. रविंदर गौड़ पूरे अमले के साथ सड़क पर उतरे तो दो दिन में अवैध मीट की दुकानें बंद हो र्गइं। इसके बाद मानक पूरा करने वाली ही दुकानें खुलीं और उन पर चटाई या पर्दे लटक गए थे। लेकिन एक या दो माह ही ऐसा हुआ। वहीं नगर निगम के अधिकारी कह चुके हैं कि शहर में ज्यादातर मीट की दुकानें अवैध हैं, जिनके पास लाइसेंस नहीं है। ऐसे में पुलिस और खाद्य विभाग की टीम कार्रवाई करे। लेकिन अफसरों ने एक दूसरे पर मामला टालकर पल्ला ही झाड़ लिया है।

शहर से लेकर देहात तक खुले में बिक्री
सोतीगंज, ऊंचा सद्दीकनगर, घंटाघर, गोला कुआं, लिसाड़ी रोड, हापुड़ रोड, श्यमानगर रोड, लक्खीपुरा, गढ़ रोड, जाकिर कालोनी और मवाना रोड पर गंगानगर में सड़क किनारे ही दुकानों में कटान के बाद मीट बेचा जा रहा है। इन स्थानों पर अवैध मीट की दुकानों की संख्या 200 से अधिक है। यही हाल देहात का भी है। अब्दुल्लापुर में मेन रोड पर मीट की दुकान को लेकर एक माह पहले ही सांप्रदायिक तनाव हो गया था। बहसूमा, परीक्षितगढ़, सरधना और किठौर व अन्य स्थानों पर भी अवैध दुकानें खुली हैं।
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अफसरों के बदलते ही मिली छूट

खुले में बिक रहा मीट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी देहात के अलावा सभी सीओ भी ट्रांसफर होकर दूसरे जिलों में चले गए। अधिकांश थाना प्रभारी भी नए हैं। अफसर बदलते ही कार्रवाई न के बराबर हो गई। इसके बाद अवैध मीट की दुकानों पर काम फिर से शुरू हो गया। वहीं सोतीगंज और लिसाड़ीगेट में अवैध मीट की दुकानों को लेकर थाने की फैंटम पुलिस पर भी मिलीभगत के आरोप लगते रहे हैं। भाजपा नेता कई बार पुलिस अफसरों से इसकी शिकायत भी कर चुके हैं।

अफसर को नहीं जानकारी
एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने बताया कि खुले में दुकानों पर मीट बेचे जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। थाना प्रभारी और सीओ से दुकानों की जानकारी मांगी जा रही है। अवैध मीट की दुकानों को पुलिस सख्ती से बंद कराकर कार्रवाई करेगी। थाना पुलिस की मिलीभगत का आरोप है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी।

मानक पूरा करने वालों को ही दिया लाइसेंस
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश मिश्रा का कहना है कि मानकों को पूरा करने वाले कुछ मीट कारोबारियों को लाइसेंस जारी किए गए हैं। जबकि कुछ ने आवेदन किए हैं, उनकी नगर निगम और पुलिस से एनओसी मांगी गई है। एनओसी मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा के नियमों पर उनको परखा जाएगा। इसके बाद लाइसेंस जारी किया जाएगा।

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