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VIDEO Explainer: क्या है मेरठ छात्रा हत्याकांड? जिसने मचाया यूपी की सियासत में बवाल; 2:28 मिनट में जानिए सबकुछ

Sat, 11 Jul 2026 07:03 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

पुलिस ने इस मामले में रवि गौतम, दिग्विजय भाटी, लवी प्रधान उर्फ शुभम, ऋतिक गौतम, नवनीत कुमार, अरविंद कुमार, हिमांशु सिद्धार्थ और अंकित कुमार समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। 
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मेरठ छात्रा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ की अनुसूचित जाति की बीए छात्रा की हत्या का मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि इसने पूरे उत्तर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। हत्या के बाद पुलिस की कार्रवाई, परिवार की मांगों, सड़क पर हुए प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने इस मामले को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा है। आइए, 2 मिनट 28 सेकंड में समझते हैं पूरा घटनाक्रम।

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15 मई को हुई मामले की शुरुआत
इस मामले की शुरुआत 15 मई से हुई, जब रोहटा थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए छात्रा परीक्षा देने के लिए घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। 16 मई को परिजनों ने टीपीनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई और उसी रात अंकुश चौधरी पर शादी का दबाव बनाने और छात्रा का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर दी। 17 मई को छात्रा का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी।

कई साल से एक दूसरे को जानते थे अंकुश और छात्रा
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी और छात्रा कई वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि छात्रा किसी दूसरे युवक से बात करने लगी थी, जिससे नाराज होकर उसने उसकी हत्या कर दी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि अंकुश के भाई, जो पीएसी में सिपाही हैं, और उसके दोस्त हनी शर्मा की भी भूमिका की जांच होनी चाहिए। पुलिस का कहना है कि घटना के समय दोनों मौके पर नहीं थे और उनके पक्ष में साक्ष्य मिले हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच की जा रही है।

थप्पड़ मारने का वीडियो हुआ वायरल तो बढ़ा गुस्सा
इसी बीच बुधवार को पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों ने मेरठ कलक्ट्रेट के बाहर मुख्य मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी के भाई और मां को गिरफ्तार किया जाए, मामले में दुष्कर्म की धाराएं जोड़ी जाएं और जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने लाठी फटकारकर जाम खुलवाया। इस दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय द्वारा प्रदर्शनकारी रवि गौतम को थप्पड़ मारने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इनकी हो चुकी गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में रवि गौतम, दिग्विजय भाटी, लवी प्रधान उर्फ शुभम, ऋतिक गौतम, नवनीत कुमार, अरविंद कुमार, हिमांशु सिद्धार्थ और अंकित कुमार समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके अलावा 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है।
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साइबर टीम की नजर 
एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा है कि माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सोशल मीडिया पर मामले को जातीय रंग देने की कोशिशों पर भी साइबर टीम नजर रखे हुए है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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