सहारनपुर में राजपूतों और दलितों के बीच चल रही जातीय हिंसा अब भयानकर रूप लेती नजर आ रही हैं। ये मामला पिछले एक-डेढ़ महीने से चला आ रहा है और अब तक इसमें दो लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई दर्जन लोग घायल हो चुके हैं। इसी दंगे की वजह से सुर्खियों में आये भीम आर्मी संगठन को अब पूरा देश जान गया है कि भीम आर्मी क्या है। इतना ही नहीं बल्कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने के बाद देश का हर व्यक्ति जान गया कि भीम आर्मी क्या है।
कोई नहीं जानता था कि भीम आर्मी संगठन
भीम आर्मी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद
बता दें कि सहारनपुर बवाल से पहले कोई नहीं जानता था कि भीम आर्मी कोई संगठन है, लेकिन दलितों के सहारे हवा लेकर दिल्ली पहुंचे भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को आज हर कोई जान गया है कि ये दलितों का युवा नेता बनकर सामने आ रहा है। लेकिन मायावती ने मंगलवार को सहारनपुर में सभा के दौरान साफ कह दिया कि किसी संगठन के बजाय बसपा के बैन तले कार्यक्रम करो किसी की हिम्मत नहीं होगी रोकने की। उनके इस बयान से साफ दिखता है कि किसी और राजनीतिक पार्टी से पहले मायावती को ही भीम आर्मी संगठन से खतरा नजर आ रहा हैं। कहीं दलित इसी संगठन से जुड़कर बसपा पार्टी का नाम तक न भूल जाए। पिछले दिनों दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर को भारी समर्थन मिलता दिखा। इस रैली में यूपी के अलावा बिहार, हरियाणा, झारखंड और पंजाब जैसे राज्यों से भी बड़ी संख्या में दलित यहां पहुंचे थे।