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तस्वीरों में वेस्ट यूपी का मौसम: सुबह नौ बजे छाया अंधेरा, आंधी-बारिश और ओले; धान-गन्ने की फसल पर खतरा

Thu, 15 Oct 2026 12:35 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

सुबह करीब नौ बजे काले बादल छाए और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। मेरठ में कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की सूचना है। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कम रोशनी के कारण वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। बारिश से तापमान में गिरावट आई।

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वेस्ट यूपी में बारिश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह करीब नौ बजे आसमान में काले बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण सुबह के समय ही कई इलाकों में अंधेरा छा गया। मेरठ में कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी सूचना मिली है। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई।

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मोदीपुरम क्षेत्र में सुबह करीब 10 बजे तक आसमान में अंधेरा छाया रहा। दिल्ली-देहरादून हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को कम रोशनी के कारण लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। बारिश और तेज हवाओं के चलते सुबह घरों से काम पर निकले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

दो-तीन दिन मौसम साफ रहने के बाद अचानक हुई बारिश ने एक बार फिर अक्टूबर में मौसम के उतार-चढ़ाव को सामने ला दिया। मेरठ और आसपास के इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की सूचना से खेतों में खड़ी फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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वेस्ट यूपी में बारिश - फोटो : अमर उजाला
धान और गन्ने की फसल पर सबसे ज्यादा खतरा
मौसम में बदलाव का असर खेतों में खड़ी फसलों पर पड़ सकता है। खासकर जिन खेतों में धान की फसल पकने के करीब है, वहां तेज हवाओं के कारण पौधे गिरने का खतरा है। फसल गिरने से कटाई में परेशानी हो सकती है। लगातार बारिश होने और खेतों में पानी भरने की स्थिति में दाने की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।

कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, तेज आंधी से धान की पकी हुई फसल खेतों में गिर सकती है। इससे कटाई में अतिरिक्त मेहनत लगती है और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है।

गन्ने की लंबी फसल भी तेज हवाओं की चपेट में आ सकती है। फसल गिरने से कटाई और ढुलाई में परेशानी बढ़ सकती है। किसानों को अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन बारिश की मात्रा, हवा की गति और खेतों की स्थिति के आधार पर ही किया जा सकेगा।

वेस्ट यूपी में बारिश - फोटो : अमर उजाला
सब्जियों और फूलों की खेती पर भी असर की आशंका
तेज हवा और बारिश का असर मौसमी सब्जियों पर भी पड़ सकता है। टमाटर, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी और दूसरी सब्जियों के पौधे तेज हवाओं से टूट सकते हैं। खेतों में पानी जमा होने से जड़ों को नुकसान पहुंचने और फफूंदजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

फूलों की खेती करने वाले किसानों के लिए भी तेज हवा परेशानी बढ़ा सकती है। फूल झड़ने और पौधों के टूटने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर, यदि बारिश सीमित रहती है और खेतों में जलभराव नहीं होता, तो मिट्टी में नमी बढ़ने से कुछ फसलों को लाभ भी मिल सकता है। इसलिए नुकसान का स्तर स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

 

वेस्ट यूपी में बारिश - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित
सहारनपुर में भी सुबह से तेज बारिश और हवाओं के चलते मौसम बदल गया। सुबह काम पर जाने वाले लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश के बीच अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

अचानक मौसम खराब होने से घरों से निकले लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। बारिश और तेज हवा के कारण सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हुई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मौसम के प्रभाव की स्थिति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रही।
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वेस्ट यूपी में बारिश - फोटो : अमर उजाला
किसानों को सतर्क रहने की जरूरत
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के बाद खेतों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। जिन खेतों में पानी जमा हो रहा है, वहां फसल और मिट्टी की स्थिति के अनुसार जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। कटाई के लिए तैयार फसलों की नियमित निगरानी करें और कटी हुई उपज को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखें।

बारिश के तुरंत बाद खेतों में अनावश्यक सिंचाई करने से बचना चाहिए। कृषि कार्य मौसम और खेतों की नमी की स्थिति देखकर ही करने चाहिए। किसानों को मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह पर नजर रखने की भी जरूरत है।
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