फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंत्रों से हुआ बारातियों का स्वागत, अद्भुत विवाहोत्सव को देखने उमड़े लोग

Mon, 19 Feb 2018 06:26 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
अर्जुन और मीनाक्षी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

शादी में दूल्हे के दोस्तों ने डीजे पर डांस करने के लिए जैसे ही पांव उठाया, तो स्वाग से करेंगे सबका स्वागत का संस्कृत वर्जन सुनकर चौंक गए। एकाएक ही मेहमानों के कदम थिरकने से रुके और वो गीत के बोल सुनने लगे। शादी में आए मेहमान खाना खाने डायनिंग एरिया में गए तो वहां चाऊमीन की जगह दीर्घसूत्रिका नाम की पर्ची देखकर सोचने लगे कि यह चाऊमीन का कौन सा व्यंजन है। यह शादी मेरठ में हुई।

विज्ञापन


पढ़ें : हिंदी न अंग्रेजी, इस भाषा में छपवाया शादी का कार्ड, रस्में भी परंपरागत

शनिवार को मेहमानों की कुछ ऐसी प्रतिक्रिया शहर में हुई एक शादी में नजर आई। मुजफ्फरनगर के गांव विक्की निराना के अर्जुन और मेरठ की मीनाक्षी का विवाह संस्कार संस्कृत में संपन्न हुआ। आयोजन बागपत बाईपास स्थित मंडप में संपन्न हुआ। इसमें चहुंओर संस्कृत की झलक नजर आई। शहर में संस्कृत में दूसरा विवाह हुआ है। पिछले साल अर्जुन और मीनाक्षी के मित्र का विवाह भी संस्कृत में हुआ था। विवाह समारोह के निमंत्रण पत्रों से लेकर, स्वागत स्वस्ति वाचन, यजुर्वेद के श्लोकों से हुआ। ब्राह्मणों ने द्वार पर खड़े होकर भगवत गीता के 15वें अध्याय के श्लोक पढ़ें। जयमाला में सीता स्वयंवर वाला गीत गूंजा। महंगी सजावट के दौर में विवाह स्थल को ऊं के ध्वज व पोस्टरों से सजाया गया। भड़काऊ संगीत के बजाय पूरे पंडाल में ऊं की ध्वनि व यजुर्वेद के मंत्र डीजे पर उच्चारित हुए। वेदों का मंत्रोच्चारण संस्कृत में हुआ। उसी पर मेहमानों ने डांस किया। संस्कृत विवाह उत्सवा भवत: हार्दिक स्वागतम् बैनर लगाए। अवंतिका देवी से शिक्षित आचार्य मुनीश ने विवाह संस्कार संपन्न कराया। आचार्य राहुल, आचार्य रुपेश, आचार्य उमेश भी रहे। सहयोग मेरठ कॉलेज संस्कृत विभाग के एचओडी डॉ. वाचस्पति एवं आरजी पीजी कॉलेज में संस्कृत विभाग की एचओडी, डॉ. पूनम लखनपाल रहीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


संस्कृत में लिखे व्यंजनों के नाम
आयोजन में डायनिंग एरिया में व्यंजनों के नाम व मेन्यू पर संस्कृत में लिखा गया। चाऊमीन को दीर्घसूत्रिका, रसगुल्ला को रसगोलकुमा, सब्जी को शाकम, दाल को शूपा:, रोटी को रोटिका, आइसक्रीम को पयोहीमम्, चाय को चायम् व पानी को जल की पट्टी से प्रदर्शित किया गया। आचार्य राहुल व रूपेश ने बताया कि संस्कृत में सभी व्यंजनों के नाम प्रदर्शित करने थे इस पूरे कार्य को करने में हमें एक माह का वक्त लगा। हर व्यंजन का नाम संस्कृत में खोजा।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें