इस योग में विवाह आदि संस्कार बिना मुहूर्त निकाले किए जा सकते हैं। वहीं, पंडित बीजी जोशी ने बताया कि 12 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। इसके बाद चार माह के लिए कोई विवाह संस्कार नहीं किए जाते हैं। आठ नवंबर को देवोत्थानी एकादशी से दोबारा विवाह कार्य शुरू होंगे।
कई होटल और मंडप हुए बुक
शहर के लगभग 256 होटल और मंडपों में मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। मेरठ मंडप एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद गुप्ता के अनुसार मंडप एसोसिएशन में रजिस्टर्ड मंडपों की संख्या 256 हैं। सभी मंडप बुक हैं। वहीं, अध्यक्ष मंडप एसोसिएशन विपिन ने बताया कि भडरिया नवमी पर शहर में करीब 500 मांगलिक कार्य होंगे।