सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ यूपी शाही का कहना हैं की मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है पिछले 1 सप्ताह में मानसून कमजोर रहा है लेकिन आगामी तीन से चार दिन तक अच्छी बारिश होने की संभावना है जबकि तराई क्षेत्र में बारिश माध्यम से ज्यादा होगी। बुधवार सुबह 8:30 बजे तक 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
चारा और धान के लिए अच्छी है फसल
बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान के प्रधान वैज्ञानिक डॉक्टर रितेश शर्मा का कहना है कि धान की फसल और चारे के लिए यह बारिश अच्छी है। हालांकि जुलाई माह में पिछले साल में हुई बारिश और वर्तमान बारिश से फसलों को काफी लाभ मिला है इसके अलावा बेल वाली फसलों को थोड़ा नुकसान हुआ है। अगर यह बारिश आगे तीन-चार दिन तक तेज रही तो सब्जियों को काफी नुकसान होने के आसार हैं।
जगह जगह हुआ जलभराव बना मुसीबत
बारिश में शहर की सड़कों पर पानी भरना कोई नई बात नहीं है। जैसे ही बारिश तेज हो जाती है वहीं शहर में जगह-जगह पानी भरजाता है। बुधवार को हुई तेज बारिश ने भी निगम की पोल खोल दी है। कंकरखेड़ा मोदीपुरम रुड़की रोड पल्लवपुरम और शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह सवेरे से हो रही बारिश, मौसम सुहावना
बिजनौर जनपद में बुधवार सुबह से ही बारिश होने लगी है। बारिश व ठंडी हवा चलने से जनपद में मौसम सुहावना हो गया। लगातार हल्की बारिश होने के कारण कार्यालयों में जाने वाले कर्मचारी व स्कूल छात्र स्कूलों में भीगते हुए गए। बारिश के कारण शहर में चहलपहल कम दिखाई दी।
बारिश होने के कारण यात्री कम निकल रहे हैं, जिससे रोडवेज की आय भी प्रभावित हो रही है। सुबह साढ़े दस बजे तक 19 एमएम बारिश हो गई है। बारिश से गन्ना फसल को लाभ पहुंच रहा है। ज्यादा पानी वाली फसल धान की फसल के लिए भी बारिश अच्छी साबित हो रही है। पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने से गंगा का जल स्तर भी खतरे के पास चल रहा है।
मालन नदी भी तेज पानी चल रहा है। दोनों नदियों के कारण आसपास क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बनी हुई हैं। जमीन कटान के अलावा नदियों का पानी खेतों में खड़ा होने से फसलें प्रभावित हो रही है। पिछले तीन चार दिन तेज धूप निकलने से गर्मी हो रही थी। बीती रात से आसमान में बादल छाए हुए थे।