मंगलवार को भी अधिकतम तापमान में एक डिग्री की कमी दर्ज की गई, लेकिन उमस के कारण लोग परेशान नजर आए। मंगलवार को अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि अधिकतम आद्रता 65 व न्यूनतम आद्रता 54 दर्ज की गई। हवा की अधिकतम रफ्तार 8 किमी प्रति घंटा व न्यूनतम 4 किमी प्रतिघंटा रही।
फसलों के लिए ठीक नहीं है यह मौसम
कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो धान की बुआई का समय आ गया है और गर्मी का असर कम नहीं हो रहा है। बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान के प्रभारी व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा का कहना है कि इस समय फसलों के लिए बारिश बहुत जरुरी है। बारिश न होने के कारण धान की बुवाई और पौध भी प्रभावित होगी।
4-5 जुलाई को आंधी के साथ 2 से 4 एमएम बारिश हो सकती है। मानसून धीमी गति से मैदानी क्षेत्र से पहाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। 7-8 जुलाई तक बारिश होने की संभाना है। - डॉ. एन सुभाष, मौसम वैज्ञानिक, आईआईएफएसआर