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मेरठ में बवाल के सूत्रधार बदर अली पर पांच हजार का इनाम घोषित, शहर काजी की भूमिका संदिग्ध

Thu, 04 Jul 2019 12:01 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ में जुलूस के दौरान हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में रविवार शाम हुए बवाल के सूत्रधार को घेरने में पुलिस-प्रशासन नाकाम रहा है। फिलहाल इस बवाल के छुटभैयाओं की गिरफ्तारी कर दूसरे वर्ग में सुरक्षा की भावना पैदा करना पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता है। जबकि सूत्रधार बदर अली की गिरफ्तारी को लेकर लगातार मंथन चल रहा है।

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हालांकि, बवाल के मुख्य आरोपी बदर अली पर पुलिस ने बुधवार को पांच हजार का इनाम घोषित कर दिया। वहीं अल्पसंख्यकों के किसी संगठन द्वारा पांच जुलाई को भारत बंद के आह्वान का इनपुट मिलने के बाद पुलिस प्रशासन चौकन्ना हो गया है।

पुलिस का कहना है कि, मॉब लिंचिंग के विरोध प्रदर्शन के बहाने पहले बिना प्रशासन की स्वीकृति के जनसभा में भारी भीड़ जुटाना और उसके बाद जुलूस निकालना, यह किसी संगठित सोच का हिस्सा है। पुलिस-प्रशासन अब इसी दिशा में काम कर रहा है।

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रविवार को जुलूस पर हुए लाठीचार्ज के बाद पुलिस ने मुख्य सूत्रधार सहित लगभग 100 लोगों को नामजद और तीन हजार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसमें मंगलवार देर रात तक 48 आरोपी गिरफ्तार भी हुए थे, लेकिन सूत्रधार का पता होने के बावजूद उस पर पुलिस-प्रशासन हाथ नहीं डाल रहा है। 

एसएसपी के मुताबिक बवाल के मुख्य आरोपी बदर अली पर पांच हजार का इनाम रखा गया है। उसकी हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। साथ ही शहर काजी की भूमिका की जांच चल रही है।

पुलिस-प्रशासन के सूत्रों के अनुसार पांच जुलाई को भारत बंद का जो इनपुट मिला है, फिलहाल प्रशासन उस दिशा में अपने पुख्ता इंतजाम करने में लगा है। ताकि शहर में कोई बवाल न होने पाए।

पुलिस को अंदेशा है कि यदि कथित जनसभा और जुलूस के सूत्रधार पर इस दौरान हाथ डाला तो माहौल गरमा सकता है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से कई स्तर पर गिरफ्तारी से पहले घेराबंदी शुरू कर दी है।
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कहां से मिल रही मदद 
शहर को बवाल की आग में झोंकने का प्रयास करने वालों की आय का स्रोत क्या है? उन्हें आखिर कौन मदद कर रहा है? किसका दिमाग उनके संगठन और आंदोलन के पीछे है? ऐसे तमाम सवालों के जवाब पुलिस-प्रशासन खोज रहा है।

यही नहीं एक समिति के नाम पर अस्पताल का निर्माण और उसके लिए कहां से आर्थिक सहायता आ रही है, इसकी भी जांच शुरू हो चुकी है। इसके लिए खुफिया विभाग सहित तमाम सरकारी विभाग लगा दिए गए हैं। 
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