मेरठ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में गुरुवार को कुछ कमी आई, लेकिन अभी भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर है। बुधवार को 449 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया था, जो गुरुवार को 402 पर पहुंच गया।
दिसंबर में लगातार चौथे और पांचवें दिन भी मेरठ महानगर की हवा दूषित रही, जिस कारण लोगों को फिर से सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। एनसीआर क्षेत्र का भी बुरा हाल है। ग्रेप सिस्टम लागू हुआ, लेकिन इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। इससे एक्यूआई का स्तर बढ़ने लगा है। मेरठ देश के सबसे प्रदूषित शहरों में आठवें स्थान पर रहा।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार का कहना है कि ग्रेप के अंतर्गत जो टीम बनाई गई है, वह दिन रात में पेट्रोलिंग कर रही है। जहां कमियां है, उस पर कार्रवाई की जा रही है। बोर्ड मुख्यालय को भी सभी कार्रवाई से अवगत कराया जा रहा है।