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पारा 41पार, 44 डिग्री पहुंचने के आसार, राजस्थानी हवाओं ने बढ़ाई गरमी, लू के थपेड़ों ने किया परेशान

Sat, 08 Jun 2019 09:56 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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- फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं ने गर्मी के तेवर तल्ख कर दिए हैं। पारा 41 डिग्री के पार पहुंच गया है। लू के थपेड़ों ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विज्ञानियों की मानें तो तापमान फिर से 44 डिग्री तक पहुंच सकता है।
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शुक्रवार को गर्मी का असर अलग ही दिखाई दे रहा था। सुबह से ही तेज धूप निकलनी शुरू हो गई। जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, वैसे-वैसे ही गर्मी भी बढ़ती चली गई। दोपहर के समय तो सड़के भी सूनी हो रही थीं। बाजारों में भी रौनक कम थी। दिन में हीटवेव का असर इतना तेज था कि दुपहिया वाहन चालकों की हालत खराब हो रही थी। कूलर और पंखे से भी राहत नहीं मिल रही है।

मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्र्दता 64 व न्यूनतम 44 प्रतिशत दर्ज की गई। पिछले दिन की तुलना में रात के तापमान में 4.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और दोपहर को हवा 4 किमी प्रतिघंटा तो शाम के समय 6 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली।
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अभी राहत के आसार नहीं
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष का कहना है कि दिन का तापमान सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा था। रात का तापमान सामान्य से 3 डिग्री कम रहा है। जिसके चलते गर्मी का असर बढ़ रहा है। दिन में हीटवेव भी ज्यादा चल रही है। अभी दो दिन मौसम ऐसा ही बना रहेगा। अभी राहत के आसार नहीं हैं। तापमान 44 डिग्री तक पहुंच सकता है।

खानपान में बरतें सावधानी
बढ़ती गर्मी और लू के थपेड़ों का असर स्वास्थ्य पर साफ दिखाई दे रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में खासकर खानपान में सावधानी बरतनी चाहिए। संतुलित भोजन और सलाद का सेवन करें। सादा या नींबू पानी का सेवन करते रहें। नहीं तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है। गर्मी में बाहर से आएं तो तुरंत ठंडे पानी का सेवन न करें। लू चल रही है। ऐसे में यदि घर से निकलें तो सिर और शरीर को कवर करके निकलें।

मानसून का इंतजार
आईआईएफएसआर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष के अनुसार मानसून दो दिनों बाद केरल में पहुंचने की संभावना है। केरल से पश्चिमी यूपी और एनसीआर में मानसून के पहुंचने में एक माह तक का समय लगता है। जून के अंतिम समय या जुलाई के प्रथम में मानसून पहुंच सकता है। अगर मानसून की रफ्तार धीमी रही तो ये समय और अधिक भी लग सकता है। अगर मानसून की रफ्तार सही रही तो तेजी से बढ़ सकता है। अभी तक के मौसम इनपुट के अनुसार मानसून लेट है।
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